आजमगढ़। अहरौला थाना पुलिस ने फर्जी खतौनी के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले चार सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना शोभनाथ सेठ समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को जमीन का सौदा दिखाता था और विश्वास में लेकर लाखों रुपये हड़प लेता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर के पर्यवेक्षण में अहरौला थाना पुलिस ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की।
फर्जी खतौनी दिखाकर की 35 लाख की ठगी
पुलिस के मुताबिक, थाना अतरौलिया क्षेत्र निवासी दुर्गेश कुमार पांडेय ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपियों ने फर्जी एवं कूटरचित खतौनी दिखाकर जमीन दिलाने का झांसा दिया और 35 लाख रुपये आरटीजीएस एवं नकद के माध्यम से ले लिए। इसके बाद न तो जमीन का बैनामा कराया और न ही रुपये वापस किए। पैसा मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।तहरीर के आधार पर थाना अहरौला में मुकदमा संख्या 241/2026 धारा 420, 467, 468, 471, 504 एवं 506 के तहत दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
बरामदपुर पुलिया से दबोचे गए आरोपी
शुक्रवार को उपनिरीक्षक चंद्रशेखर सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि मामले से जुड़े आरोपी बरामदपुर पुलिया की ओर आ रहे हैं। सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने एक संदिग्ध क्रेटा कार (न्च्50 ।ग् 4686) को रोककर तलाशी ली। कार से घटना में प्रयुक्त वाहन एवं पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी एवं कूटरचित खतौनी तैयार कर लोगों को जमीन बेचने का झांसा देते थे। विश्वास में लेने के बाद बैंक खातों में आरटीजीएस और नकद के माध्यम से रुपये प्राप्त कर लेते थे, लेकिन बाद में न तो जमीन का बैनामा करते थे और न ही धनराशि लौटाते थे।
गिरफ्तार आरोपी
शोभनाथ सेठ (46), निवासी मतलूबपुर, थाना अहरौला
सुधीर सेठ (36), निवासी मतलूबपुर, थाना अहरौला
इंद्रभूषण सेठ (23), निवासी मतलूबपुर, थाना अहरौला
मुन्नीलाल शर्मा (23), निवासी दनियालपुर, थाना अहरौला
शोभनाथ पर 20 से अधिक मुकदमे
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सरगना शोभनाथ सेठ के विरुद्ध पूर्व से धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा एनआई एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ 20 से अधिक मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक चंद्रशेखर सिंह, कांस्टेबल राजेश कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, तथा अनुपम मिश्र शामिल रहे।

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