वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर में 45 वर्षीय मजदूर राम जनम वनवासी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चोरी के शक में ईंट भट्ठा संचालक और उसके साथी ने मजदूर को पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। पिटाई के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपित शव को गोसाईपुर क्षेत्र में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में अजय सिंह और विशाल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
राम जनम वनवासी मूलरूप से चंदौली जिले के धानापुर का रहने वाला था। वह परिवार के साथ वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर में रहकर मजदूरी करता था। 21 अगस्त को गोसाईपुर क्षेत्र में पुलिस को एक व्यक्ति का शव मिला। शव की स्थिति देखकर पुलिस ने छानबीन शुरू की। पहचान के बाद मृतक की शिनाख्त राम जनम के रूप में हुई।
शुरुआत में परिजन ने नहीं जताया था किसी पर शक
पुलिस के अनुसार, शव मिलने के बाद जब परिजनों से संपर्क किया गया तो उन्होंने शुरुआत में किसी के खिलाफ शिकायत देने से इनकार कर दिया था। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि उन्हें किसी व्यक्ति पर शक नहीं है। तहरीर नहीं मिलने के कारण मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर से जांच जारी रखी। एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नगायच के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ फोटो और वीडियो लगे। इनसे घटना से जुड़े अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। बाद में मृतक के परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर अजय सिंह और विशाल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
ट्रैक्टर चोरी के शक में पकड़ने का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया कि अजय सिंह ईंट भट्ठा संचालित करता है। आरोप है कि उसे और उसके साथी विशाल सिंह को राम जनम पर ट्रैक्टर चोरी करने के इरादे से भट्ठे पर आने का शक था। इसी आशंका में दोनों ने उसे पकड़ लिया।
आरोप है कि 20 अगस्त की रात राम जनम को चौबेपुर थाना क्षेत्र के हरियाडीह स्थित ईंट भट्ठे पर ले जाया गया। वहां उसे एक पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद अजय सिंह और विशाल सिंह ने दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी लाठी-डंडों से पिटाई की। पुलिस के मुताबिक, मारपीट इतनी गंभीर थी कि राम जनम की मौत हो गई।
मौत के बाद शव गोसाईपुर में फेंकने का आरोप
आरोप है कि मजदूर की मौत के बाद उसके शव को वहां से उठाकर चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर ले जाया गया और सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया। अगले दिन 21 अगस्त को पुलिस को शव बरामद हुआ। पहचान होने के बाद पुलिस ने घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच शुरू की।
फोटो और वीडियो से खुली घटना की परतें
पुलिस को जांच के दौरान मिले फोटो और वीडियो से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मिले। इन्हीं साक्ष्यों और परिजनों की तहरीर के आधार पर अजय सिंह व विशाल सिंह को आरोपित बनाया गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नगायच ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
अन्य आरोपितों की भूमिका भी जांच रही पुलिस
पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि राम जनम को किस परिस्थिति में पकड़ा गया, उसके साथ मारपीट में कितने लोग शामिल थे और हत्या के बाद शव को गोसाईपुर तक किस तरह पहुंचाया गया। पुलिस उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है।

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