मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के हलिया ब्लॉक के बरौधा राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में बायोमेट्रिक हाजिरी में ही धांधली का खुलासा हुआ है. आरोप है कि कर्मचारी के अंगूठा लगाने से प्राचार्या की हाजिरी बनती है. वहीं कर्मचारी अपनी हाजिरी लगाने के लिए दूसरे अंगुली का इस्तेमाल बायोमेट्रिक मशीन पर करता है.
राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रभारी प्रधानाचार्य रहीं ज्योति गोयल की बायोमेट्रिक हाजिरी वहां का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामपोश अपने अंगूठे से लगाता था. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ज्योति गोयल का वहां से तबादला हो गया. ज्योति की जगह पर आए प्रभारी प्रधानाध्यापक राम प्रताप ने इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ सिंह को लिखित रूप से शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद डीआईओएस ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य के वेतन पर रोक लगाते हुए मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं.
बायेमेट्रिक हाजिरी के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामपोश ने दो अंगुलियां का निशान फीड कराया था. आरोप है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोमपोश अपने अंगूठे से प्रभारी प्रधानाचार्य ज्योति की बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाता था. वहीं दूसरी अंगुली से खुद की हाजिरी लगाता था. डीआईओएस अमरनाथ सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य ज्योति गोयल व विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामपोश का वेतन रोकने का निर्देश जारी कर दिया गया है. मामले की जांच हो रही है. रिपोर्ट के आधार पर दोनों के विरूद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी.

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