आजमगढ़। जिले के पवई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹50 हजार के इनामी बदमाश संतोष यादव को मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई नियंत्रित जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, 9/10 जुलाई 2026 की रात पवई थाना क्षेत्र के ग्राम हेवती में पैतृक संपत्ति और पारिवारिक विवाद को लेकर संतोष यादव ने अपने सगे दादा जगदंबा प्रसाद और चचेरे भाई श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में थाना पवई में मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपी की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ₹50 हजार का इनाम घोषित किया था।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
थानाध्यक्ष मनीष पाल पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि इनामी आरोपी मोटरसाइकिल से ओरिल की ओर से हेवती आने वाला है। पुलिस ने रसूलाबाद मोड़ पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन बारिश के कारण उसकी बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद उसने अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया और मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि पैतृक जमीन के बंटवारे और आर्थिक विवाद के चलते उसने अपने दादा और चचेरे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या की थी। घटना के बाद वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
.315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा
एक जीवित कारतूस
तीन खोखा कारतूस
हत्या में प्रयुक्त धारदार कुल्हाड़ी
सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP45W7734)
₹600 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के मुकदमे के अलावा पुलिस पर फायरिंग और आयुध अधिनियम की धाराओं में भी नया मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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