आजमगढ़। जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली करेंसी बनाने और उसे बाजार में खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.19 लाख रुपये की नकली मुद्रा, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराध नियंत्रण और नकली नोटों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष रौनापार मन्तोष सिंह पुलिस टीम के साथ होली के मद्देनजर क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम जगदीशपुर, थाना जीयनपुर से दो अन्य आरोपितों को जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा, निवासी बरडीहा गांव है। उसके निर्देशन में गिरोह के सदस्य लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज के पेपर पर जाली नोट छापते थे। इसके बाद पेपर कटर से उन्हें असली नोटों के आकार में काटकर तैयार किया जाता था। गिरोह के सदस्य असली नोटों की गड्डियों के बीच जाली नोट रखकर बाजारों और दुकानों में चलाते थे, जिससे आम लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ थाना रौनापार में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

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