आजमगढ़। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणामों में जनपद आजमगढ़ के होनहार युवक कुंवर राज राजीव सिंह ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कुंवर राज राजीव सिंह शहर के प्रसिद्ध गरूड़ होटल के मालिक एवं महाराणा प्रताप सेना के प्रमुख विजेंद्र सिंह के पौत्र हैं। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर परिजनों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
बताया जा रहा है कि कुंवर राज राजीव सिंह ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी को उत्तीर्ण किया है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि मेहनगर ब्लॉक सहित पूरे जनपद और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
परिजनों के अनुसार कुंवर राज राजीव सिंह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया। इसी मेहनत और समर्पण का परिणाम है कि उन्होंने सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर नया मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से युवाओं को भी प्रेरणा मिली है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कुंवर राज राजीव सिंह की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। इस अवसर पर परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा उन पर सदैव बनी रहे और वे जीवन में आगे बढ़ते हुए देश और समाज की सेवा करें।
भाई-बहन समेत तीन अभ्यर्थियों ने पाई सफलता
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में जनपद आजमगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। इस बार परिणाम में खास बात यह रही कि एक ही परिवार के भाई-बहन ने सफलता प्राप्त कर नई मिसाल कायम की, वहीं जिले के दो अन्य युवाओं ने भी प्रतिष्ठित परीक्षा में चयनित होकर जनपद का गौरव बढ़ाया है। जनपद के बिलरियागंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शान्तीपुर के मूल निवासी भाई-बहन आदित्यहृदय उपाध्याय और आयुषी उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। आदित्यहृदय उपाध्याय ने 154वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
दोनों के पिता सूर्यप्रकाश उपाध्याय लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी माता प्रतिभा उपाध्याय एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। परिवार की इस दोहरी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में भी दोनों भाई-बहन का प्रदर्शन बेहद उत्कृष्ट रहा है। आदित्यहृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इससे पहले भी वे यूपीएससी परीक्षा में चयनित होकर भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में असिस्टेंट कमिश्नर आयकर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। आयुषी का यह दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने शानदार सफलता प्राप्त की। उधर, जनपद के कप्तानगंज क्षेत्र के च्योंता गांव निवासी प्रताप सिंह ने भी यूपीएससी परीक्षा में 345वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। बताया जाता है कि प्रताप सिंह को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सफलता की सूचना मिलते ही परिजनों ने मंदिर जाकर भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। प्रताप सिंह की प्रारंभिक शिक्षा आजमगढ़ के चिल्ड्रेन कॉलेज से हुई, जहां से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उनके चयन से क्षेत्र के युवाओं में भी नई प्रेरणा जागी है।

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