आजमगढ़। भारत के महान वीर सपूत महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर रविवार को हरिओध कला केंद्र में महाराणा प्रताप सेना द्वारा राष्ट्रीय सम्मेलन “पराक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया तथा महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, शौर्य और स्वाभिमान को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान 351 सेनानियों एवं उनके परिजनों को महाराणा प्रताप का चित्र, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आगंतुकों का स्वागत हल्दीघाटी की पवित्र मिट्टी से तिलक लगाकर राजपुरोहित शिवम तिवारी द्वारा किया गया, जिससे पूरे आयोजन में ऐतिहासिक गौरव और राष्ट्रभक्ति का भाव झलकता रहा।
मुख्य अतिथि प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन चरित्र राष्ट्र के प्रति समर्पण और स्वाभिमान की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि 82 किलो के कवच और 72 किलो की तलवार धारण करने वाले महाराणा प्रताप के पराक्रम के आगे मुगल सेना भी पस्त हो गई थी। हल्दीघाटी का युद्ध आज भी विश्व इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
मंत्री चौहान ने कवि श्याम नारायण पांडेय की प्रसिद्ध पंक्तियों —
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा को पाला था” —
का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कविता महाराणा प्रताप और उनके घोड़े चेतक की वीरता को अमर बना देती है।
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने देश के स्वाभिमान और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया, आज उसी परंपरा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट रहना होगा।
एमएलसी विजय बहादुर पाठक और डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि त्याग, आत्मसम्मान, दृढ़ संकल्प और कुशल नेतृत्व के प्रतीक थे। उन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय अपनी मातृभूमि और प्रजा के लिए कठिन जीवन को चुना, इसी कारण वे आज भी स्वाभिमान के प्रतीक माने जाते हैं।
भाजपा नेता अखिलेश मिश्र ‘गुड्डू’ ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना के प्रयासों से शीघ्र ही आजमगढ़ में भी महाराणा प्रताप की प्रतिमा शासन द्वारा स्थापित कराई जाएगी। उन्होंने युवाओं से ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
मैक्सवेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. के.एन. पांडेय ने महाराणा प्रताप सेना को जनसेवा हेतु एक एंबुलेंस भेंट करने की घोषणा की, जिसका उपस्थित लोगों ने तालियों से स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक एवं महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक शैलेंद्र सिंह बादल एवं उनकी टीम ने वीर रस और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत कर सम्मेलन में जोश भर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट शत्रुध्न सिंह ने की तथा संचालन डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह, विंग कमांडर कुमार राजीव रंजन, ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह सहित अनेक वरिष्ठ वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, राणा सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, संजय पांडेय, शिवेंद्र सिंह, राजेश सिंह, संध्या सिंह, अंजू सिंह, रेखा सिंह, प्रियंका, दिनेश खंडेलिया, पवन नाथ चौहान, हरिलाल यादव, प्रवीण सिंह, एम.पी. सिंह, सी.बी. सिंह, प्रणय यादव, रामपलट विश्वकर्मा, संजीव सिंह, चंदन सिंह, कैप्टन देवानंद तिवारी, अच्युतानंद तिवारी, गुलाब राय, शीला सिंह, रीतु सिंह, अमलेश सिंह, दीनानाथ सिंह, मिथिलेश सिंह, विक्रम सिंह, भागवत तिवारी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आज भी देश के युवाओं और समाज के लिए साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की जीवंत प्रेरणा हैं।

0 Comments