UP में SIR अभियान: जन्मतिथि के आधार पर देने होंगे दस्तावेज, नोटिस पाने वालों को 7 दिन का समय !



लखनऊ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत जिन मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजी गई है या भेजी जाएगी, उन्हें अब अपनी जन्मतिथि के आधार पर निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने और अपना पक्ष रखने के लिए कम से कम सात दिन का समय दिया जाएगा, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रह सके या दोबारा जोड़ा जा सके।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा है—
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता – केवल अपना दस्तावेज जमा करेंगे।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता – अपना और अपने पिता का दस्तावेज देंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता – अपना, पिता और माता तीनों के दस्तावेज जमा करेंगे।
मान्य दस्तावेजों में मार्कशीट, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र सहित कुल 13 प्रकार के प्रमाण पत्र शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जबकि हाल ही में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ नाम शामिल किए गए हैं। पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा पाए। दूसरे चरण में 2.50 करोड़ मतदाताओं के विवरण में खामियां पाई गईं, जिन्हें अब नोटिस भेजी जा रही है।
नोटिस दो प्रतियों में भेजी जाएगी, जिसमें आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी होगी।
इधर, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन की संख्या तेजी से बढ़ी है। बीते 24 घंटों में 67,276 लोगों ने फॉर्म-6 भरा, जिनमें से 62,211 ने स्वयं और 5,065 आवेदन राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से किए गए। अब तक कुल 18.14 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
चुनाव आयोग ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे अपना नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सही वर्तनी के साथ भरें, ताकि मतदाता सूची और वोटर आईडी कार्ड में कोई गलती न हो।

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