आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक और संदिग्ध घटना सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। किराए के कमरे में रह रहे एक पुलिसकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। देर सुबह तक दरवाज़ा न खुलने पर साथियों को अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दरवाज़ा खोले जाने पर सिपाही का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। मृतक की पहचान रंजीत मौर्या निवासी जनपद बलिया के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ में ट्रैफिक आरक्षी के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रविवार रात ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे में अंगीठी जलाकर सोने का सहारा लिया था। कमरा पूरी तरह बंद था और अंगीठी बिस्तर के पास रखी थी, जिससे कमरे में धुआं भर गया और दम घुटने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
सोमवार सुबह जब रंजीत मौर्या काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले तो साथ रह रहे अन्य सिपाहियों ने आवाज़ दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाज़ा तोड़ा गया, जहां वे निढाल अवस्था में पड़े मिले। तत्काल चिकित्सकीय सहायता बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी शुभम तोदी, स्थानीय पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से जांच की गई और साक्ष्य संकलन किया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना अथवा अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। इस घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। साथी पुलिसकर्मी रंजीत मौर्या को एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही बता रहे हैं। वहीं, यह घटना ठंड के मौसम में अंगीठी के प्रयोग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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