आजमगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने रिजर्व पुलिस लाइन्स में देर रात तक चली अपराध समीक्षा गोष्ठी में अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए। इस बैठक को पुलिस महकमे के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चोरी-नकबजनी से लेकर माफिया, टॉप-टेन अपराधी, महिला अपराध और भ्रष्टाचार तक पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई गई।
एसएसपी ने साफ कहा कि चोरी और नकबजनी की हर घटना का शत-प्रतिशत अनावरण और संपत्ति की बरामदगी अनिवार्य होगी। संवेदनशील इलाकों में पिकेट ड्यूटी, रात्रि गश्त और सीसीटीवी कैमरों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। गंभीर अपराधों में राजपत्रित अधिकारी 24 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे—लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला अपराध पर सर्वोच्च प्राथमिकता
महिलाओं से जुड़े मामलों को लेकर एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, संवेदनशील और विधिक निस्तारण हो। IGRS प्रार्थना पत्रों और थानों पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
माफिया और टॉप-टेन पर शिकंजा
गोष्ठी में माफियाओं के खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर जब्ती के निर्देश दिए गए। वहीं, टॉप-टेन अपराधियों की गतिविधियों के आधार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
यातायात, रेलवे और भूमि विवाद
स्थान व समय बदल-बदल कर सघन वाहन चेकिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए GRP-RPF के साथ समन्वय और भूमि विवादों का संयुक्त टीम द्वारा मौके पर निस्तारण—ये सभी बिंदु एजेंडे में प्रमुख रहे।
थाना परिसरों की व्यवस्था और न्यायालय से समन्वय
थानों में खड़े वाहनों का शीघ्र निस्तारण, नियमित साफ-सफाई, माननीय न्यायालय से समन्वय कर निर्णीत माल और लंबित मामलों के निस्तारण पर भी एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया। पारिवारिक न्यायालय के वसूली वारंटों का शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने को कहा गया।
गोष्ठी में एएसपी ग्रामीण चिराग जैन, एएसपी यातायात विवेक त्रिपाठी, जेल अधीक्षक, एआरटीओ, एसपीओ, जिला शासकीय अधिवक्ता, क्षेत्राधिकारीगण और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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