UP की राजनीति में बड़ा फेरबदल: योगी कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा तैयार...भूपेंद्र चौधरी की वापसी लगभग पक्की... 6 नए मंत्री बन सकते हैं!




लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भाजपा संगठन में नए प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोर कमेटी की लंबी और अहम बैठक के बाद सियासी संकेत साफ हो गए हैं कि योगी कैबिनेट में जल्द ही नए चेहरों की एंट्री होगी और कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी भी तय मानी जा रही है। सबसे बड़ा नाम पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का है, जिनकी योगी मंत्रिमंडल में वापसी लगभग तय बताई जा रही है। इसके साथ ही करीब 6 नए विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दिए जाने पर गंभीर मंथन हुआ है।
सीएम आवास पर डेढ़ घंटे चला मंथन
कोर कमेटी की इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक पुनर्गठन के हर पहलू पर चर्चा की गई। यह बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बनने के बाद संघ, संगठन और सरकार की यह पहली संयुक्त बैठक थी, जिसमें आपसी समन्वय और आगे की रणनीति पर सहमति बनी।
2027 चुनाव बना विस्तार का आधार
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह से मिशन-2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा। बैठक में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने पर विशेष जोर दिया गया। विपक्ष के पीडीए फॉर्मूले का जवाब देने के लिए भाजपा संगठन और सरकार दोनों में नए समीकरण गढ़ने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली रवाना हुए पंकज चौधरी
कोर कमेटी बैठक के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। वे भाजपा हाईकमान के सामने बैठक में हुए मंथन, संभावित नामों और विस्तार के प्रस्तावों की पूरी रिपोर्ट रखेंगे। माना जा रहा है कि हाईकमान से हरी झंडी मिलते ही मंत्रिमंडल विस्तार पर औपचारिक मुहर लग जाएगी।
6 नए चेहरों की होगी एंट्री
फिलहाल योगी सरकार में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 तक हो सकती है। ऐसे में 6 नए मंत्रियों को शामिल करने की पूरी गुंजाइश है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार नए चेहरों के साथ-साथ कुछ अनुभवी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कब होगा विस्तार?
सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार जनवरी या फरवरी 2026 में संभव है। खरमास के बाद शुभ मुहूर्त मिलने पर विस्तार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यूपी की सियासत में बढ़ेगी हलचल
दिल्ली से अंतिम फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल तय मानी जा रही है। यह विस्तार न सिर्फ योगी सरकार के अगले कार्यकाल की दिशा तय करेगा, बल्कि 2027 के चुनावी रण की नींव भी मजबूत करेगा।

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