कानपुर। बिकरू कांड के मुख्य आरोपितों में एक अमर दुबे की सास को चुनाव लड़ाने की होड़ राजनीतिक पार्टियों के बीच शुरू हो गई है । कांग्रेस जहां उन्हें कल्याणपुर से टिकट देना चाह रही हैं वहीं सपा उन्हें गोविंद नगर से मैदान में उतारने की तैयारी में है। कांग्रेस दिल्ली में तो सपा उन्हें लखनऊ में पार्टी की सदस्यता दिलाने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा।
बेटी के इंसाफ को लड़ेंगी चुनाव
बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे के भांजे अमर दुबे की सास गायत्री तिवारी पनकी रतनपुर में रहती हैं। गायत्री के मुताबिक उनके लिए बेटी को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है। वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं लेकिन सपा के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सरकार बनने के एक माह भीतर उनकी बेटी जेल से बाहर होगी। इसलिए वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। दरअसल राजनीतिक पार्टियों का मानना है कि बिकरू कांड में आरोपित बनाई गई गायत्री तिवारी की बेटी को पुलिस ने निर्दाेष होने के बावजूद भी फंसा दिया। बिकरू कांड के बाद हुई इस घटना से ब्राह्मण नाराज हैं ऐसे में गायत्री तिवारी के साथ लोगों की संवेदनाएं होंगी जो पार्टी को चुनाव में फायदा दिला सकती है ।
बिकरू गांव में हुई थी डीएसपी-एसओ समेत 8 की हत्या
बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे ने दो जुलाई 2020 की आधी रात अपने गैंग के साथ डीएसपी और एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद पुलिस ने विकास व उसके भांजे अमर दुबे समेत छह लोगों का इनकाउंटर किया था जबकि 45 आरोपित जेल में हैं। घटना से ठीक सात दिन पहले अमर दुबे की शादी गायत्री तिवारी की बेटी से हुई थी। बिकरू कांड के बाद पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी को भी आरोपित बनाया था जो अभी भी जेल में है। गायत्री का मानना है कि उनकी बेटी को फर्जी फंसाया गया है जिसके बाद राजनीतिक पार्टियों ने उन्हे इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया था।
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