नंबर दो की सीटों के सहारे मिशन 2022 का बसपा ने बनाया प्लान-जाने किन क्षेत्रों पर फोकस



लखनऊ। वैसे तो यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं। मगर बसपा 204 सीटों पर विशेष अधिक ध्यान दे रही है। खासकर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहने वाली 118 सीटें और आरक्षित 86 सीटों उसके मुख्य एजेंडे में शामिल हैं। इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है। बसपा का मानना है कि अगर इन सीटों पर उसी जीत मिली तो सत्ता पाने की राह उसके लिए आसान हो जाएगी।

मंडलीय व जिला सेक्टर प्रभारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

बसपा को भले ही रेस से बाहर बताया जा रहा हो पर वह अंदर खाने में मजबूती से सरकार बनाने के लिए काम कर रही है। इस बार उन्हीं उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जा रहा है जो मजबूत हैं और उनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा जिन सीटों पर नंबर दो पर रही है। वहां पर जातीय, क्षेत्रीय समीकरण के आधार पर उम्मीदवार उतारे जा रहे हैं। इन उम्मीदवारों को जिताने के लिए मंडलीय व जिला सेक्टर प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनसे कहा गया है कि वे क्षेत्र में ही रहकर उम्मीदवारों को जिताने के लिए काम करें।

घर-घर जाकर संपर्क करने की कवायद तेज

इस बार का विधानसभा चुनाव बदले हुए माहौल में हो रहा है। न तो रैलियां हो रही हैं और न ही प्रचार में तामझाम का इस्तेमाल हो रहा है। बसपा का मानना है कि ऐसे में उसका कॉडर काम करेगा। खासकर भाईचारा कमेटियां...। मायावती ने इन कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपनी-अपनी जाति के लोगों को घर-घर जाकर संपर्क करें। इसके लिए कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। मायावती का मानना है कि जिन परिस्थितियों में चुनाव हो रहा हैं, उसके लिए मुफीद है। इसलिए अगर ठीक से काम कर लिया गया, तो सत्ता की राह आसान हो जाएगी।

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