इत्र व्यापारी पीयूष जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल


कानपुर। करोड़ों की कर चोरी तथा अघोषित संपत्ति मिलने के मामले में कानपुर के इत्र व्यापारी पीयूष जैन को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रविवार रात को गिरफ्तार करने के बाद पीयूष जैन को सोमवार जीएसटी इंटेलीजेंस अहमदाबाद की टीम ने शाम करीब चार बजे रिमांड मजिस्ट्रेट योगिता कुमार के न्यायालय में पेश किया। जीएसटी अधिकारी उसे जैसे ही कोर्ट के अंदर ले गए, दरवाजे बंद कर लिए गए और बाहर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया। जीएसटी के विशेष अभियोजन अधिकारी अंबरीश टंडन ने कोर्ट में समस्त दस्तावेज पेश किए और आरोपित का जेल रिमांड मांगा। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर मालवीय की ओर से आपत्ति जताते हुए रिमांड निरस्त करने की अपील की गई। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट ने विशेष अभियोजन अधिकारी की बात से सहमति जताते हुए पीयूष जैन को चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। न्यायालय ने रिमांड निरस्त करने की बचाव पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया। विशेष लोक अभियोजक का कहना था कि पीयूष के घर से डीजीजीआई के छापे में लगभग 177 करोड रुपए नगद और लगभग 25 किलो सोना बरामद किया जा चुका है। जांच अभी जारी है। उसके ऊपर लगभग 31 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला बन रहा है।

जीएसटी अधिनियम के तहत 5 साल की सजा का प्रावधान है। गैर जमानती अपराध है इसलिए रिमांड मंजूर की जाए। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि उच्च न्यायालय की व्यवस्था है कि 7 साल से कम उम्र की सजा वाले मामलों में विशेष परिस्थितियों में ही गिरफ्तारी की जानी चाहिए। इसलिए गिरफ्तारी रिमांड मंजूर नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीयूष की तरफ से लगभग 52 करोड़ रुपए आरटीजीएस के माध्यम से जीएसटी के खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए हैं। मामला सिर्फ टैक्स चोरी का है इसमें रिकवरी होनी चाहिए गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए। हालांकि कोर्ट में डीजीजीआई टीम ने अब तक पीयूष की तरफ से कोई भी रकम जमा करने से इनकार किया है।

Post a Comment

0 Comments