आजमगढ़। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से शनिवार को जिले में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। आजमगढ़ शहर में नगर पालिका, जल निगम समेत कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने भी जिले में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की थी।
आंधी-पानी का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार जिले में 17 बिजली के खंभे टूट गए और नौ उपकेंद्रों से जुड़ी लाइनें ब्रेकडाउन हो गईं। वहीं 28 स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और अंधेरे में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।
लगातार बारिश के कारण आजमगढ़ शहर के कई हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। नगर पालिका और जल निगम सहित तमाम सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। इससे कर्मचारियों और फरियादियों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई प्रमुख मार्गों पर भी बारिश का पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर तेज हवा और लगातार बारिश का असर पड़ने की आशंका है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ और डालियां गिरने से रास्ते बाधित हुए। किसानों ने जलनिकासी और खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर चिंता जताई है।
लगातार बारिश से जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा हो गया। जिन खेतों में धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है, वहां जलभराव से फसल को नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि तेज हवा और बारिश के कारण धान की बालियां झुकने के साथ पौधे गिर सकते हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।
दूसरी ओर जिन खेतों में सब्जियों और अन्य फसलों की खेती की गई है, वहां भी पानी जमा होने से नुकसान का खतरा है। निचले इलाकों के खेतों में जलनिकासी नहीं होने से किसान विशेष रूप से परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो खड़ी फसल सड़ सकती है। कई किसानों ने खेतों में जमा पानी की निकासी के लिए नालियों और छोटे जलनिकासी मार्गों को तत्काल खुलवाने की मांग की है।
तेज हवा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों की डालियां और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने से खेतों तक जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए। इससे किसानों को खेतों तक पहुंचने और फसल की स्थिति देखने में परेशानी हुई। बिजली के खंभे और तार गिरने से कई गांवों में सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। किसानों का कहना है कि बारिश के बीच खेतों में पानी की स्थिति देखने के साथ बिजली आपूर्ति बाधित होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने, खेतों से जलनिकासी की व्यवस्था कराने और तेज हवा से फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की स्थिति में समय से सर्वे और सहायता मिलने से उन्हें राहत मिल सकेगी।
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर श्रीनगर (सियरहां) गांव के पास शनिवार सुबह आंधी-बारिश के दौरान विशाल पीपल का पेड़ अचानक सड़क से गुजर रही क्रेटा कार पर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार तीन लोग बाल-बाल बच गए।
कार में चालक वाहिद खान पुत्र मोहम्मद अजमल, उनकी माता रुखसाना बानो और करीब 10 वर्षीय जोहैर खान निवासी जयराजपुर सवार थे। बताया गया कि तीनों बच्चे के ऑपरेशन के लिए जयराजपुर से आजमगढ़ स्थित डॉ. अब्दुल्ला के यहां जा रहे थे। अचानक पेड़ कार पर गिरने से चीख-पुकार मच गई।
आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर बिलरियागंज पुलिस भी पहुंची। पेड़ के सड़क पर गिरने से आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस व ग्रामीणों ने पेड़ हटाने का प्रयास किया। मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी थी, जबकि 28 सितंबर से कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।

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