दूरदर्शन मेंटेनेंस सेंटर से 1 किलोवाट क्षमता का एफएम ट्रांसमीटर लगाने की तैयारी, करीब 100 किमी दायरे में पहुंचेंगे गीत-संगीत, समाचार और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम
आजमगढ़। कभी जिले और आसपास के क्षेत्रों में सूचना और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम रहा आजमगढ़ का प्रसारण केंद्र अब नए रूप में फिर सक्रिय होने की तैयारी में है। शहर स्थित दूरदर्शन मेंटेनेंस सेंटर (डीएमसी) से जल्द ही एक किलोवाट क्षमता वाले एफएम रेडियो स्टेशन का प्रसारण शुरू किया जाएगा। ट्रांसमीटर चालू होने के बाद करीब 100 किलोमीटर के दायरे में रेडियो श्रोताओं को गीत-संगीत के साथ समाचार और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सुनने का अवसर मिलेगा। लंबे समय से बंद पड़े केंद्र के दोबारा सक्रिय होने की खबर से रेडियो प्रेमियों में उत्साह है।
आजमगढ़ के इस प्रसारण केंद्र का सफर करीब तीन दशक से अधिक पुराना है। वर्ष 1989 में इसकी स्थापना की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक यह केंद्र स्थानीय लोगों तक रेडियो कार्यक्रम पहुंचाने का माध्यम बना रहा। घरों में रेडियो की आवाज के साथ गीत-संगीत, समाचार और विभिन्न उपयोगी कार्यक्रम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा रहे। समय के साथ तकनीक बदली और प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव आया।
2018 में बंद हो गया था प्रसारण
वर्ष 2018 में देशभर में लो-पावर ट्रांसमिशन (एलपीटी) सिस्टम को बंद करने की नीति लागू किए जाने के बाद आजमगढ़ का प्रसारण केंद्र भी बंद हो गया। इसके साथ ही परिसर में प्रसारण गतिविधियां थम गईं। धीरे-धीरे केंद्र का परिसर वीरान होने लगा और यहां झाड़-झंखाड़ उग आए। रेडियो श्रोताओं के लिए भी यह एक लंबे इंतजार का दौर बन गया।
अब प्रसार भारती और संबंधित विभाग की पहल से केंद्र को फिर से सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी क्रम में दूरदर्शन केंद्र मऊ की तकनीकी टीम आजमगढ़ स्थित डीएमसी पहुंची और परिसर का भौतिक निरीक्षण किया। टीम ने प्रसारण व्यवस्था शुरू करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और परिसर की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
पहले परिसर होगा व्यवस्थित
लंबे समय से बंद पड़े केंद्र को दोबारा तैयार करने में सबसे पहले परिसर की सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने पाया कि परिसर में काफी झाड़-झंखाड़ उग आया है। ऐसे में ट्रांसमिशन उपकरण लगाने से पहले पूरे कैंपस की सफाई कर उसे व्यवस्थित किया जाएगा।
विभागीय स्तर पर सफाई का काम पूरा होने के बाद आधुनिक ट्रांसमिशन उपकरण स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए तकनीकी व्यवस्था को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा। उपकरणों की स्थापना और आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद एफएम सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
आसपास के जिलों तक पहुंचेगा प्रसारण
नए एफएम ट्रांसमीटर की क्षमता एक किलोवाट रखी गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार इसका प्रसारण करीब 100 किलोमीटर के दायरे में पहुंच सकेगा। इससे आजमगढ़ के साथ आसपास के क्षेत्रों के रेडियो श्रोताओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।
एफएम स्टेशन शुरू होने के बाद श्रोताओं को सुरीले गीतों के साथ समाचार और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सुनने का अवसर मिलेगा। खासकर उन लोगों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो आज भी रेडियो को मनोरंजन और सूचना के भरोसेमंद माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते हैं। करीब छह वर्ष से अधिक समय तक बंद रहे केंद्र में गतिविधियां दोबारा शुरू होने की तैयारी ने पुराने रेडियो श्रोताओं की यादें भी ताजा कर दी हैं। अब निगाहें परिसर की सफाई, उपकरणों की स्थापना और परीक्षण के बाद होने वाले नए एफएम प्रसारण पर टिकी हैं।

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