संगठनात्मक अनुशासन के बीच मनोरंजन के रंग में रंगा कार्यक्रम, सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज!
आजमगढ़। एक ओर भारतीय जनता पार्टी संगठन की मजबूती, वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आयोजित सुर संध्या अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष का लोकगीत की धुन पर झूमते वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसको लेकर विपक्षी दल भी सवाल उठाने लगे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के अंतर्गत 25 मई को चिल्ड्रेन कालेज हरबंशपुर में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति-नीति, सरकार की उपलब्धियों और चुनावी रणनीति से अवगत कराना बताया गया था। दिनभर चले प्रशिक्षण सत्रों के बाद सायंकाल सुर संध्या का आयोजन किया गया। सुर संध्या के दौरान गायिका ने लोकगीत “रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे, पनिया बरसे टिकट गल जाए रे” प्रस्तुत किया। गीत की धुन शुरू होते ही सभागार का माहौल पूरी तरह बदल गया। मंच के सामने बैठे कई कार्यकर्ता तालियां बजाते नजर आए, जबकि ध्रुव सिंह अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे गीत का आनंद लेते हुए झूमते दिखाई दिए। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस प्रशिक्षण वर्ग को पार्टी ने वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक अनुशासन का मंच बताया था, वहां इस तरह के मनोरंजन प्रधान आयोजन और नेताओं की भाव-भंगिमाएं कई सवाल खड़े कर रही हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इसे लेकर तंज कसना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सत्ताधारी दल के नेता प्रशिक्षण शिविरों में मनोरंजन में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। हालांकि भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा होते हैं और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। कार्यक्रम के अंत में भोजन की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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