डॉ० कन्हैया सिंह का राष्ट्रवादी चिंतन आज भी प्रासंगिक...वरिष्ठ साहित्यकार की मनाई गई द्वितीय पुण्यतिथि



आज़मगढ़। देश-प्रदेश के अनेक साहित्यिक सम्मानों से अलंकृत राष्ट्रवादी चिंतक एवं जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० कन्हैया सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि शहर स्थित हरिऔध कला केंद्र में विचार संगोष्ठी के रूप में मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, तथा भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय राय द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व पुष्प अर्पण कर किया गया। इस अवसर पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि डॉ० कन्हैया सिंह का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और साहित्यिक विद्वता का प्रतीक था। उनका चिंतन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।
प्रदेश महामंत्री संजय राय ने उन्हें राष्ट्रवादी साहित्य का पुरोधा बताते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने की बात कही। विभाग प्रचारक दीनानाथ ने कहा कि डॉ० सिंह का जीवन राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देता है।
प्रो० योगेन्द्र सिंह ने कहा कि ऐसे साहित्यकार युगों में जन्म लेते हैं और अपनी लेखनी से आने वाली पीढ़ियों के लिए दिशा छोड़ जाते हैं। सह-प्रचारक सुजीत जी ने डॉ० सिंह को राष्ट्रवाद और साहित्य के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार प्रभुनारायण पाण्डेय ‘प्रेमी’ सहित उपस्थित कवियों और अतिथियों को सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी का संचालन डॉ० विनम्र सेन सिंह ने किया, जबकि डॉ० पंकज सिंह एवं विनीत सिंह ने सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, पूर्व विधायक वन्दना सिंह, प्रो० गीता सिंह, विक्रम बहादुर सिंह, प्रवीण सिंह, डॉ० धर्मवीर सिंह, राकेश सिंह, रवि सिंह सहित डॉ० कन्हैया सिंह के परिजन एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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