महाराणा प्रताप सेना ने झोंकी पूरी ताकत, दिग्गज नेता, मंत्री, वीर नारियां और पूर्व सैनिक होंगे सम्मानित
आजमगढ़। स्वाभिमान, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आजमगढ़ ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। 18 जनवरी 2026 (रविवार) को हरिऔध कला केंद्र के सभागार में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन ‘पराक्रम’ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। गुरुवार को ठंडी सड़क स्थित कार्यालय पर महाराणा प्रताप सेना की तैयारी बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें पदाधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
हल्दीघाटी की मिट्टी से तिलक, संस्कृति और शौर्य का संगम
राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह ने ऐलान किया कि सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए संगठन पूरी ताकत झोंक रहा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हल्दीघाटी की मिट्टी से तिलक कराया जाएगा, जो महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और स्वाभिमान का प्रतीक होगा।
मंत्री, विधायक, दिग्गज नेता होंगे शामिल
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में दारा सिंह चौहान (मंत्री, कारागार विभाग),दयाशंकर सिंह (मंत्री, परिवहन विभाग) विशिष्ट अतिथि के रूप में विजय बहादुर पाठक (एमएलसी), ध्रुव सिंह (भाजपा जिलाध्यक्ष), अखिलेश मिश्र (भाजपा वरिष्ठ नेता), डॉ. के. एन. पाण्डेय (संगठन मंत्री, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद), विंग कमांडर कुमार राजीव रंजन (जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का होगा सम्मान
अतिथियों की उपस्थिति में कारगिल शहीदों की वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
महाराणा प्रताप पर शोधकर्ता होंगे मुख्य वक्ता
सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में महाराणा प्रताप पर प्रथम शोधकर्ता, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. चन्द्रशेखर शर्मा आचार्य (उदयपुर, राजस्थान) अपने विचार रखेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता शत्रुध्न सिंह करेंगे।
अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर महाराणा प्रताप के स्वाभिमानी जीवन को नमन करें और सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाएं।
बैठक की अध्यक्षता रामनाथ सिंह ने तथा संचालन सुरेश सिंह ने किया। इस अवसर पर अरविन्द चित्रांश, सुरेन्द्र यादव, दिनेश खंडेलिया, जय सिंह, संजय सिंह, एम.पी. सिंह, रामवृक्ष सिंह, राणा प्रताप सिंह, शिवम तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, विनय कुमार मिश्र, जवाहर सिंह, बलवंत सिंह, रामनयन सिंह, अंकित पांडेय, महेंद्र राय, डॉ. धनश्याम दूबे, अच्युतानंद त्रिपाठी, नंदकिशोर, राघवेन्द्र प्रताप, अर्शिव, अमित, विवेकानंद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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