20वां आजमगढ़ रंग महोत्सव का शुभारंभ कल...कहानी के रंगमंच पर केंद्रित आरंगम, देवेंद्र राज अंकुर को समर्पित होगा आयोजन



आजमगढ़। जिले के रंगमंच को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने के उद्देश्य से आज से ठीक 20 वर्ष पूर्व शुरू किए गए आजमगढ़ रंग महोत्सव (आरंगम) का भव्य आयोजन इस वर्ष ठंडी सड़क स्थित होटल तरुण के लॉन में किया जा रहा है। यह आयोजन आजमगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि रंगमंच की विभिन्न विधाओं में “कहानी का रंगमंच” सबसे नवीनतम विधा मानी जाती है, जिसके जनक के रूप में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रोफेसर देवेंद्र राज अंकुर को जाना जाता है। आजमगढ़ की कला एवं संस्कृति को समृद्ध करने की दिशा में कार्यरत आरंगम की संयोजक ममता पंडित ने इस बार 20वें आजमगढ़ रंग महोत्सव को पूरी तरह कहानी के रंगमंच पर केंद्रित किया है। एक तरह से यह आयोजन प्रोफेसर देवेंद्र राज अंकुर को समर्पित कहा जा सकता है।
22 से 24 दिसंबर तक रोजाना दो प्रस्तुतियां
आरंगम के अंतर्गत 22, 23 और 24 दिसंबर 2025 को प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे तक दो-दो नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन किया जाएगा।
🔸 शुभारंभ दिवस (22 दिसंबर)
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कलाकारों द्वारा संतोष चौबे की चर्चित कहानी “गरीब नवाज” का मंचन किया जाएगा। इससे पूर्व पूर्व रंग में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
🔸 दूसरा दिन (23 दिसंबर)
क्रमशः दो प्रस्तुतियां होंगी। पहले “मन्नू की बेटियां” का मंचन किया जाएगा, इसके बाद ख्यातिलब्ध फिल्म एवं टेलीविजन अभिनेता और वरिष्ठ रंगकर्मी विजय कुमार द्वारा अभिनीत एकल हास्य नाटक “हम बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं” दर्शकों को गुदगुदाएगा।
🔸 तीसरा दिन (24 दिसंबर)
तीसरे दिन जनपद के चर्चित रंगकर्मी ममता पंडित और अभिषेक पंडित द्वारा अभिनीत, सुषमा मुनीन्द्र की कहानी पर आधारित नाटक “कभी खुद पर तो कभी हालात पर रोना आया के बाद” का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन स्वयं प्रोफेसर देवेंद्र राज अंकुर करेंगे।
आरंगम की अंतिम और विशेष प्रस्तुति के रूप में आजमगढ़ की रहने वाली और फिल्म ‘चक दे इंडिया’ से चर्चित अभिनेत्री एवं रंगकर्मी सीमा आज़मी की एकल प्रस्तुति “सारा” का मंचन होगा। इसी के साथ 20वां आरंगम संपन्न किया जाएगा।
आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर
महोत्सव की तैयारियों में जुटे अशीष उपाध्याय, नीरज सिंह, अरविंद पांडे सहित पूरी टीम बेहद उत्साहित है।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. सी. के. त्यागी ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आजमगढ़वासियों को इस सांस्कृतिक महोत्सव में आमंत्रित करते हुए कहा कि— “यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क है। बैठने की व्यवस्था प्रथम आगत, प्रथम स्वागत के आधार पर होगी। साहित्य, कला और संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी आजमगढ़वासी सादर आमंत्रित हैं।”

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