आजमगढ़: पेंचकस से गोदकर पत्नी को मार डाला...तीन बच्चे घर में कैद डर में सहमे रहे; पड़ोसी बने मौन दर्शक...



आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के महुआरी मठिया गांव में शुक्रवार की देर रात एक अत्यंत सनसनीखेज और हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। घरेलू विवाद के दौरान पति ने अपनी पत्नी की पेंचकस से गोद-गोदकर हत्या कर दी, जबकि घर में मौजूद दंपति के तीन नाबालिग बच्चे पूरी घटना के दौरान सहमे हुए कमरे में कैद रहे और किसी भी प्रकार की मदद नहीं कर पाए। पड़ोस में शोर सुनाई देने के बावजूद कोई भी घर से बाहर नहीं निकला। घटना रात लगभग 12 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, सुनील यादव और सुनीता यादव (35) के बीच पहले से ही घरेलू कलह चल रही थी। शुक्रवार रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। मामला बढ़ा तो सुनील ने पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आवेश में आकर उसने पास में रखे एक धारदार पेंचकस से सुनीता के गले और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर लगातार वार किए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के समय पति-पत्नी के तीन बच्चे हर्ष यादव (16), अंशिका यादव (14), प्रिंस यादव (8) घर में ही मौजूद थे। माता-पिता का विवाद और बाद में हिंसक हमला देख बच्चे डर के मारे किसी तरह कमरे में सिमट गए। चीख-पुकार सुनकर भी आसपास के पड़ोसी अपने घरों से बाहर नहीं निकले, जिससे किसी तरह की तत्काल मदद नहीं हो सकी।
घटना के बाद होश संभालते हुए सबसे बड़े बेटे हर्ष ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तरवां पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पहुँचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल की गहन जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ कि घटना अत्यंत क्रूरता के साथ अंजाम दी गई है।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पति सुनील यादव को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया है। मृतका के मायके पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुनील की खरिहानी बाजार में एक दुकान है और वह अक्सर पत्नी से घरेलू विवाद करता था। पुलिस अब घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और संभावित पूर्व घटनाओं की भी जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। तीनों बच्चे घर में बेसहारा और सदमे की स्थिति में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना घरेलू तनाव और क्रोध की चरम स्थिति का खौफनाक परिणाम है।

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