शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए ताउम्र संघर्षरत रहे तपेश्वरी पांडेय-चन्द्रदेव यादव करैली

पूर्व मंत्री ने कहा किसी भी हद तक मदद करने को रहते थे तैयार


आजमगढ़।
तपेश्वरी पांडेय एक आदर्श शिक्षक ही नहीं थे बल्कि उनकी साहित्य पर जितनी पकड़ थी उतनी ही बारीकी से वह कानून की पेचीदगियों को भी समझते थे। ताउम्र शिक्षकों के साथ ही कर्मचारियों की उनकी सेवा से संबंधित या व्यक्तिगत समस्याओं के निदान के लिए अपने अनुभव और जानकारी का प्रयोग करते हुए उसके समुचित समाधान कराते थे।

शुक्रवार को नगर के दलालघाट स्थित गेस्ट हाउस में उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक तपेश्वरी पांडेय के निधन पर शोक श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली ने कहाकि श्री पांडेय हमेशा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार रहते थे और इसके लिए वह किसी भी हद तक मदद करने से हिचकते नहीं थे। इस अवसर पर गोपालपुर विधायक नफीस अहमद ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए याद किया।

शिक्षक नेता हरिमंदिर पांडेय ने जहां अपने संबंधों को याद किया वहीं उनके द्वारा शिक्षकों, कर्मचारियों के प्रति किए गए कार्यों को याद करते हुए कहाकि शिक्षकों, कर्मचारियों ने अपना सच्चा हितैषी खो दिया है। इस अवसर पर डॉ ज्ञान प्रकाश दुबे, विजय कुमार देवव्रत, सुभाषचंद्र सिंह, डॉ रमेश मौर्य, महताब आलम, सुभाष पांडेय, इफ्तेखार खान काशीपुरी, आनंद कुमार उपाध्याय, जुल्फिकार अहमद, मुन्नू यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ रविंद्रनाथ राय, जयप्रकाश नारायण, मंसूर अहमद, इंद्रासन सिंह, कान्हजी बलिया, राजेंद्र यादव मऊ।

रामदुलार चौहान, राजाराम यादव, दयाराम यादव, सच्चिदानंद सिंह मऊ, रामअवतार सिंह, रामकरन राय, शैलेश राय, श्याम नारायण चौहान, रामअवध यादव, नन्दलाल यादव सहित तमाम शिक्षकों, कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुसाफिर चौबे और संचालन प्रभु नारायण पाण्डेय प्रेमी ने किया। इस अवसर पर उनके पुत्र कीर्तिमान पंकज पांडेय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। अंत में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई ।

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