Azamgarh: दस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्ग दम्पति को प्रशासन ने जबरन हटाया

दबंग भूमाफियाओं पर फर्जी तरीके से अमल दरामद कराने का आरोप


आजमगढ़।
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने मेहता पार्क में दस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्ग दम्पत्ति को बुधवार की सुबह प्रशासन ने जबरिया पुलिस की गाड़ी में भर कर उठा ले गए। दरअसल, निजामाबाद थाना क्षेत्र के बुद्धसेनपुर निवासी लालचंद यादव अपनी पत्नी रमावती के साथ पिछले दस दिनों से दबंग भूमाफियाओं द्वारा फर्जी तरीके से अमल दरामद कराने का आरोप लगाते हुए धरनारत है। मंगलवार को बुजुर्ग दम्पति की हालत बिगड़ने पर उन्हें मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन बुजुर्ग दम्पति पुनः बुधवार को धरना देने लगे।

जैसे ही इस बात की जानकारी प्रशासन को हुई तो सुबह करीब 11 बजे निजामाबाद तहसीलदार व उनके साथ अतिरिक्त एसडीएम धरनारत बुजुर्ग दम्पति को हटाने के लिए ई-रिक्शा लेकर पहुंचे और उन्हें समझा कर धरना बंद कर घर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने और धरना देने लगे। तभी वहां मीडियाकर्मी भी पहुंचे गए। मीडियाकर्मी और तहसीलदार के बीच नोकझोंक होने लगी। इसके बाद तहसीलदार और अतिरिक्त एसडीएम वहां से चले गए। करीब एक घंटे के बाद शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और बुजुर्ग दम्पत्ति पर धरना हटाने का दबाव बनाने लगे। कहा कि जब डीएम ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है तो यहां क्यों बैठे है।

तभी मीडियाकर्मी भी पहुंच गए तो कोतवाल के तेवर भी ढीले हो गए और वह भी अपनी टीम लेकर वहां से चले गए। थोड़ी देर बाद निजामाबाद एसडीएम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। निजामाबाद एसडीएम ने खुद बुजुर्ग दम्पति को जबरन पुलिस की गाड़ी में लेकर चल गए। पुलिस की इस कार्रवाई की चर्चा मीडिया के गलियारों में तेज हो गई।

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