आजमगढ़। एडीए के कर्मचारियों के रवैये से परेशान लोगों की शिकायत पर डीएम द्वारा कराई गई जांच में दो अवर अभियंता और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दोषी पाया गया है. डीएम ने जहां दोनों अवर अभियंताओं के खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए संस्तुति की है. वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित कर दिया है.
एडीए के गठन के बाद से इसके अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया है. जिससे आम जनमानस में काफी रोष व्याप्त है. लोगों द्वारा इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई तो डीएम द्वारा उक्त मामले की जांच कराई गई. एडीए सचिव बैजनाथ ने बताया कि एडीए के अवर अभियंता तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं आम-जनमानस को परेशान करने के शिकायतों की जांच डीएम द्वरा कराई गई. जिसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है. वहीं जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए डीएम और प्राधिकारी के उपाध्यक्ष द्वारा अवर अभियंता बाबूराम वर्मा एवं हीरालाल गुप्ता के विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए अपर आयुक्त (प्रशासन) को जांच अधिकारी नामित किया गया है. साथ ही अभियंताओं के विरूद्ध आरोप पत्र गठित कर शासन को भेजने के निर्देश के क्रम में आरोप पत्र शासन को भेज दिया गया है.
इसके साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशोक चौहान को जिलाधिकारी द्वारा मंगलवार को निलंबित करते हुये एडीएम प्रशासन को जांच अधिकारी नामित किया गया है. उक्त आरोपी कर्मचारी के विरूद्ध आरोप पत्र गठित कर प्राधिकरण द्वारा सक्षम स्तर से अनुमोदित व जांच अधिकारी से हस्ताक्षरित आरोप पत्र अपचारी कर्मचारी को तामिल करा दिया गया है. इसके पहले भी एडीए सचिव बाबू सिंह सहित एई और जेई पर कार्रवाई हो चुकी है. इसके बाद भी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं.

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