लखनऊ। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर में अब व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी। विद्यार्थी को एक ट्रेड की पढ़ाई करना अनिवार्य होगा. पहले चरण में प्रदेश के 150 स्कूलों में कोर्स चलाए जाएंगे. इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग व्यावसायिक शिक्षा विभाग के साथ एमओयू करने जा रहे है. दरअसल, प्रदेश के हर जिले के दो-दो सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है. व्यावसायिक शिक्षा के आठ सेक्टरों के 16 कोर्सों का चुनाव किया गया है. हर कोर्स अवधि अलग-अलग है. ज्यादातर कोर्स 12 से 15 महीने के हैं. इनमें छात्रों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा. लेकिन इसकी कोई परीक्षा नहीं ली जाएगी और अभी इसका यूपी बोर्ड के विषयों से कोई जुड़ाव नहीं है.
आईटी से जुड़े ट्रेड अभी हर स्कूल में चलाए जाएंगे. वहीं सभी स्कूलों में सारे ट्रेड नहीं होंगे बल्कि एक या दो सेक्टर के ट्रेड ही होंगे. कक्षा 9 व कक्षा 11 के विद्यार्थियों का नामांकन इसमें होगा. नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा को स्कूली शिक्षा का अनिवार्य अंग बनाने की बात है. नीति के मुताबिक इसका मूल्यांकन किए जाने और बोर्ड परीक्षा में किसी सामान्य विषय में फेल होने पर उसे व्यावसायिक शिक्षा के परिणाम से परिवर्तित करने का भी नियम है लेकिन शुरुआती दौर में यूपी बोर्ड से इसे अलग रखा गया है.
व्यावसायिक शिक्षा के सेक्टर व ट्रेडः
परिधान निर्माणः सिलाई मशीन ऑपरेटर, टेलरिंग, कृषिः सब्जियों की फसल उगाना, गार्डनिंग, ऑटोमोटिवः चौपहिया वाहन सर्विस असिस्टेंट, चौपहिया वाहन सर्विस टेक्नीशियन, ब्यूटी व वेलनेसः असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, ब्यूटी थेरेपिस्ट, ऊर्जाः केबल ज्वाइंटर इलेक्ट्रिकल पॉवर सिस्टम, कंज्यूमर एनर्जी मीटर टेक्नीशियन, आईटीः आईटीईएस-डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, शारीरिक शिक्षाः फिटनेस ट्रेनर, फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट, रीटेलः रीटेल स्टोर ऑपरेशंस असिस्टेंट, रीटेल सेल्स एसोसिएट शामिल है.

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