95 करोड़ की मूर्तियों संग दस तस्कर गिरफ्तार...

15 साल दोनों मूर्तियां बुंदेलखंड इलाके से की थी चोरी


कौशांबी। जिले में पुलिस ने 2 बेशकीमती मूर्तियों के साथ 10 तस्करों को गिरफ्तार किया है. इन मुर्तियों में एक मूर्ति अष्टधातु की और दूसरी मिश्रित धातु की है. इन दोनों मूर्तियों को केरल में 25 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी हो रही थी. एसपी हेमराज मीणा ने पत्रकारों से बताया कि महेवाघटा थाना प्रभारी रोशनलाल शुक्रवार को गश्त लगा रहे थे. मुखबीरों से खबर मिली थी कि मूर्ति तस्कर ठाकुर जी की मूर्ति बेचने के फिराक में हैं. इसके बाद पुलिस ने यमुना ब्रिज के नीचे से दस संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने बताया कि एक मूर्ति का वजन 62 किलो है वहीं इस मूर्ति का अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 85 करोड़ रुपये हैं. मिश्रित धातू की दूसरी मूर्ति पांच टुकड़ों में बरामद हुई है. इस मूर्ति का वजन 46 किलो है. वहीं इसकी कीमत 10 करोड़ आंकी गई है. पूछताछ के दौरान तस्करों ने बताया कि 15 साल पहले उन्होंने दोनों मूर्तियां बुंदेलखंड इलाके से चोरी की थी. मूर्ति को तस्करों ने फतेहपुर के एक कारोबारी के माध्यम से केरल में 25 करोड़ रुपये में बेचने की जा रहे थे.

पुलिस ने बताया कि मूर्ति तस्कर गिरोह का मास्टर मांइड रामकिशोर विश्वकर्मा था. बेशकीमती मूर्तियों को चुराने के बाद तस्करों चित्रकूट के रैपुरा थाना क्षेत्र के गौहानी मजरा भुजौली में एक तस्कर के यहां छिपा दिया था. ये मूर्तियां 10 साल तक जमीन के अंदर पड़ी रही. इसके बाद पिछले पांच सालों में इसे बेचने के लिए तस्कर इधर-उधर भटकने लगे थे.

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