विनोद शर्मा
मुबारकपुर/आजमगढ़। मुबारकपुर थाने में उस समय हड़कंप मच गया जब गुड्डी देवी पत्नी मोहन निवासी गुजरपार रोहतक हरियाणा से अपने बेटे की लेकर एंबुलेंस से सीधे थाने पहुंच गई। चीख-पुकार सुनकर थाने पर भारी भरकम भीड़ जुट गई जैसे ही मामला थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह के सामने आया पूरी तरीके से पानी की तरह साफ हो गया।
गुड्डू ने अपने प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाया कि मेरा पुत्र सच्चिदानंद 23 वर्ष को 14 जून सन 2021 को गांव के ही नगीना पुत्र धुरहु से मार झगड़ा होने के दौरान गंभीर चोट लगी थी और मैंने उसका आजमगढ़ मे इलाज कराया उसके बाद सुधार न होने पर मैं रोहतक हरियाणा में ले जाकर इलाज करा रहीं थीं जिसकी मंगलवार को मृत्यु हो गई। नगीना आदि के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर मुझे न्याय दिलाया जाए। जिस पर एक हल्के के सिपाही ने बताया कि मृतक के उपर नगीना ने 308 का मुकदमा दर्ज कराया है जिस पर पुलिस हरकत में आई और पूरा मामला खंगालना शुरू कर दिया
पुलिस के अनुसार, सच्चिदानंद के विरुद्ध गांव के नगीना पुत्र धुरहु जो शराब पीता था जिसके ऊपर सच्चिदानंद ने 14 जून को फावड़े से हमला कर दिया जिसकी स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तारी करने पर जेल भेज दिया था उस दौरान मेडिकल मे कोई चोट नहीं थी अपने विपक्षी को सबक सिखाने के लिए उक्त पूरा मामला महिला ने किसी के कहने पर एक पटकथा रचना शुरू कर दिया लेकिन सफलता हासिल नहीं कर सकी जबकि मानवता के आधार पर थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि अगर आप जरूरत समझते हो तो मैं पीएम कराने के लिए तैयार हूं लेकिन आप लोगों को रोहतक में ही पीएम करा चाहिए था आप के साथ मेरी संवेदना है।

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