आजमगढ़। हिंदुस्तानी एकेडमी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किए जाने वाले तीन शिखर सम्मानों समेत 12 पुरस्कारों की घोषणा हुई। जिसमें जनपद के साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह को गुरु गोरक्षनाथ सम्मान से नवाजा गया है। इस सम्मान से जनपद के शिक्षाविदों में हर्ष व्याप्त है। सदर तहसील के जहानागंज विकास खंड के धरवारा गांव निवासी डा. कन्हैया को गुरू गोरक्षनाथ सम्मान से नवाजा गया है। डा. कन्हैया सिंह की गिनती जनपद में मूर्धन्य साहित्यकारों में होती है।
कन्हैया सिंह वर्ष 1960-61 तक अधिवक्ता के रूप में कार्य करना शुरू किया। इसके बाद वह टीडी कालेज जौनपुर में 1961 में प्रवक्ता विधि के पद पर तैनात हुए। इसके बाद 1962 में डीएवी पीजी कालेज में प्रवक्ता हिंदी के पद पर तैनात हुए। फिर 1967 में इसी पद पर आगरा विश्वविद्यालय में नियुक्त हुए। फिर डीएवी पीजी कालेज में हिंदी विभागाध्यक्ष पद पर 1967 में तैनात हुए।
1978 में प्राचार्य महाविद्यालय भटवली बाजार गोरखपुर के प्राचार्य बने। इसके बाद 1982 में वह एक फिर डीएवी पीजी कालेज में हिंदी विभागाध्यक्ष रहे। एक बार अखिल भारतीय साहित्य परिषद दिल्ली के अध्यक्ष व महामंत्री रहे। उनको यह पुरस्कार मिलने से जनपद के साहित्य प्रेमियों में हर्ष व्याप्त है।

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