दरअसल, फुलवरिया बाजार के सजनी मोड़ पर कास्मेटिक की दुकान करने वाले इंद्रपाल मौर्या अपनी पत्नी शकुंतला के साथ मंगलवार को बाइक से आंख की दवा लेने के लिए शाहगंज गए थे। साथ में पवई के रहने वाले रिश्तेदार अपनी बाइक से दवा के लिए गए। वहां उन्होंने रिश्तेदार को बताया कि दुकान के लिए सामान की खरीदारी करके जाएंगे, तो रिश्तेदार अपने घर चले गए। इधर इंद्रपाल ने घर पर फोन कर बताया कि दिन के तीन बजे तक पहुंचेंगे। उन्होंने कुछ सामान आटो से दुकान पर भेजवा दिया था। उसके बाद पांच बजे तक नहीं पहुंचे तो भतीजे प्रदीप कुमार मौर्या ने फोन पर संपर्क किया। उधर से केवल इतना बताया गया कि बहुत मुसीबत में हूं और उसके बाद फोन कट गया। उसके बाद कई बार प्रयास करने के बाद भी संपर्क नहीं हुआ, तो अपने स्तर से इधर-उधर पता किया। पता न चलने पर थाने को सूचना दी।
लेकिन पुलिस ने पहले दिन संज्ञान नहीं लिया, तो बुधवार की सुबह प्रदीप ने पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा। उसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश और भतीजे की तहरीर पर एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। गुरुवार को प्रधान बृजेश मौर्य के नेतृत्व में ग्रामीण थाने पहुंचकर पुलिस से अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांग रहे थे कि उसी बीच अंबारी में शव मिलने की जानकारी आई, तो ग्रामीण अंबारी के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने के बाद ग्रामीणों की आशंका सही निकली। भतीजे प्रदीप कुमार मौर्या ने बताया कि चाचा ने पखनपुर गांव में कुछ जमीन खरीदी है। एक सप्ताह पहले कब्जा के समय बेचने वाले ने 10 लाख रुपये की और डिमांड की थी, जिसको लेकर तनाव चल रहा था। इस बीच इस तरह की घटना हो गई।

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