गोरखपुर के MMMUT के दो शिक्षकों समेत तीन पर मुकदमा-जाने क्या है प्रकरण


गोरखपुर। गोरखपुर कैंट पुलिस ने मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमएमएमयूटी) के प्रोफेसर वीके पांडेय,जन संपर्क अधिकारी डॉ अभिजीत मिश्रा,एमसीए के पूर्व छात्र आशुतोष सिंह बाला, अज्ञात शिक्षकों और छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई अभाविप के महानगर महामंत्री प्रशांत मणि त्रिपाठी की तहरीर पर की है। पुलिस ने एमएमएमयूटी के प्रोफेसरों और शिक्षकों के खिलाफ मारपीट, बलवा, लूट, हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया है। प्रो. वीके पांडेय यूनिवर्सिटी के छात्र क्रिया परिषद के अध्यक्ष हैं। उधर, एमएमएमटीयू की ओर से पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच हो रही है। अभी विवि प्रशासन की ओर से तहरीर नहीं मिली है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 14 मई को यूनिवर्सिटी में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर पोर्न स्टार को बुलाकर छात्रों के बीच अश्लीलता फैलाई गई। जिसका गुरुवार को एबीवीपी कार्यकर्ता विरोध करने यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। कार्यकर्ता प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे कि प्रो.वीके पांडेय और डॉ. अभिजीत मिश्रा के साथ अन्य शिक्षकों ने सुनियोजित तरीके से छात्रों में गलत अफवाह फैला दी। जिसके बाद एमएमएमयूटी के 300 करीब छात्र आ गए और कार्यकर्ताओं की पिटाई करने लगे। एबीवीपी के सुयश पांडेय, रवि गोस्वामी, प्रभात, प्रशांत त्रिपाठी, सागर कसेरा घायल हो गए। आरोप है कि उन पर धारदार हथियार, लाठी और डंडे से प्रहार किया गया।

कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा है कि इस प्रकरण में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह एकतरफा कार्रवाई है। विश्वविद्यालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसे लेकर कमेटी का गठन किया गया है। इसे लेकर विश्वविद्यालय कोई भी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के बाद ही करेगा। इसके पीछे विश्वविद्यालय का मकसद सही दिशा में कार्यवाही करना है। विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच कमेटी ने संपूर्ण प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो, इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कमेटी के लिए दो सदस्यों की मांग की गई है। उनसे एक सदस्य प्रशासन की ओर से,दूसरा सदस्य पुलिस की ओर से मांगा गया है। जल्द ही जांच समिति से पुलिस-प्रशासन के सदस्य जुड़ जाएंगे।

Post a Comment

0 Comments