उन्होने बताया कि धरना प्रदर्शनों/जुलूसो/आन्दोलनों/सार्वजनिक कार्यक्रमों आदि के सम्बन्ध में दिये गये महत्वपूर्ण दिशा निर्देशों का भी कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना है। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मेरा यह समाधान हो गया है कि कुछ असामाजिक अवांछनीय शरारती व समाज विरोधी तत्व निर्वाचन व अन्य विविध आयोजनों के समय असामाजिक एवं समाज विरोधी गतिविधियों द्वारा शांति भंग करने का प्रयास सकते हैं । जनपद में शांति-व्यवस्था बनाये रखने हेतु उपरोक्त असामाजिक एवं शरारती तत्वों के विरूद्ध निवारक कार्यवाही की त्वरित होने की दशा में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत आवश्यकता हो गयी है इस हेतु अन्य उपचार सीधे उपलब्ध आदेश प्रसारित करने के पर्याप्त आधार आधार हैं।
26 मई से दण्ड प्रक्रिया की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत लागू होगा। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रवृत्त हो गयी है, जिसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चत किया जायेगा। कोई भी व्यक्ति लाठी, बल्लम , भाला, बरछा, छूरा तलवार कृपाण आग्नेयास्त्र बिफोस्टक पदार्थ तथा खतरनाक रसायनिक पदार्थ लेकर सार्वजनिक रूप से विचरण नहीं करेगा। यह प्रतिबन्ध ड्यूटी पर तैनात सरकारी सेवकों, अपाहिजी, नेत्रहीन व्यक्तियों एवं सिक्खों पर उनके धर्म वर्ग के अनुसार धारण किये गये कृपाण पर लागू नहीं होगा। पाँच या पाँच से अधिक व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठे नहीं होंगे। सार्वजनिक स्थलों यथा रोड/ सड़क, चौराहों, गलियों, सार्वजनिक भवनों इत्यादि पर नुक्कड़ सभायें ( बैठकें ) करना तथा झण्डा, पोस्टर, बैनर लगाना प्रतिबंधित है। वाहनों का काफिला प्रत्येक 05 वाहनों के बाद ब्रेक करना होगा तथा 5-5 वाहनों के समूह के आधे घंटे का अंतराल सुनिश्चित किया जायेगा। प्रचार के दौरान आयोग द्वारा निर्धारित मानकों से इतर झण्डे, पोस्टर, बैनर, स्टिकर इत्यादि का प्रयोग वर्जित है।
कोविड -19 के संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रचार -प्रसार एवं अन्य शासकीय प्रयोजनों हेतु ध्वनि प्रदूषण ( विनियमन एवं नियंत्रण ) नियम 2000 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुये इनका उपयोग किया जायेगा । रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश का उल्लघंन विभिन्न अधिनियमों में दिये गये प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध के साथ-साथ भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत भी दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश 26 मई को मेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मुहर से निर्गत किया गया। जो 30 जून तक अथवा निर्वाचन आयोग अथवा शासन से इस सम्बंध में कोई अन्य निर्देश प्राप्त होने तक जो भी पहले हो में प्रभावी रहेगा।

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