बीजेपी का बड़ा दांवः स्वामी प्रसाद बनाम आरपीएन सिंह जंग की तैयारी



लखनऊ। 18वीं विधान सभा चुनाव में भाजपा के एक दांव से पूर्वांचल की सियासत में सरगर्मियां तेज कर दीं हैं। पार्टी ने साथ छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य को उनकी ही सीट पर घेरने की तैयारी भी कर दी। जिसे सपा के गैरयादव ओबीसी फैक्टर को चैलेंज करने की कोशिशों के तहत बीजेपी का बड़ा दांव माना जा रहा है। कुशीनगर की पडरौना विधानसभा सीट को लेकर आरपीएन बनाम स्वामी प्रसाद के चर्चे वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव से ही आम हैं। एक बार फिर नई कश्तियों पर सवार आरपीएन और स्वामी के बीच चुनावी वैतरणी पार करने की दिलचस्प चुनौती देखने को मिलेगी।

पड़रौना के राजा साहेब के नाम से चर्चित

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के बाद अब भाजपा ने कांग्रेसी दिग्गज आरपीएन सिंह को भी अपने पाले में लेकर विरोधियों को करारा जबाव दिया है। पड़रौना के राजा साहेब के नाम से चर्चित कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह का भाजपा में शामिल होने को लेकर कयासों के दौर काफी दिनों से था। लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य ने जब भाजपा का साथ छोड़ा तो पार्टी ने आरपीएन की एंट्री की कवायद तेज कर दी। वे कुर्मी-सैंथवार जाति से आते हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्वांचल में कुर्मी वोटों की संख्या काफी है और अपने इलाके के सजातीय वोटों पर उनकी खासी पकड़ मानी जाती है।

2009 लोकसभा में मिली थी स्वामी मौर्य को करारी हार

यही कारण कि आरपीएन सिंह कुशीनगर की पड़रौना सीट से 1996, 2002 और 2007 में विधायक रहे हैं। वर्ष 2009 में बतौर कांग्रेस प्रत्याशी लोकसभा चुनाव लड़ा। उनका मुकाबला तत्कालीन बसपा सरकार के कद्दावर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से हुआ, जिसमें आरपीएन सिंह ने जीत दर्ज की थी। हालांकि उनके लोकसभा पहुंचने से खाली हुई पडरौना विधानसभा सीट पर स्वामी ने कब्जा जमा लिया। एक बार फिर दोनों का इस सीट पर आमना-सामना हो सकता है। भाजपा में उनके शामिल होने को इलाके के राजनैतिक समीकरणों के हिसाब से लिए गए फैसले के रूप में भी देखा जा रहा है। वे यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। फिलहाल वो पार्टी की ओर से झारखंड के प्रभारी थे। उनके पिता सीपीएन सिंह भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पडरौना से विधायक रह चुके हैं।

राजा से लड़ाई में जीतेगा फकीरः स्वामी

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरपीएन सिंह के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि कहा मेरा एक छोटा सा कार्यकर्ता भी उन्हें हराने की क्षमता रखता है। स्वामी प्रसाद मौर्य पडरौना सीट से विधायक हैं। उनकी सीट पर अब भाजपा आरपीएन सिंह को टिकट दे सकती है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरपीएन सिंह राजघराने से आते हैं। वह राजा हैं और मैं फकीर हूं। राजा से लड़ाई में फकीर ही जीतेगा। चिंता उन लोगों को होनी चाहिए जो मलाई खाना चाहते हैं। मैं मस्त रहता हूं, हजारों कार्यकर्ताओं से घिरा रहता हूं। इसके अलाना मौर्य ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि वह अपने बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे थे।

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