आजमगढ़। केंद्र से लेकर प्रदेश तक की सरकारें सामान्यजन की शिक्षा के लिए स्थापित शिक्षण संस्थाओं का अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त करना चाहती है। उक्त विचार बुधवार को चिल्ड्रेन कालेज के सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का 49वां जनपदीय वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन एक अप्रैल 2005 से एक पक्षीय रूप से समाप्त कर दी गई। वहीं विशिष्ट अतिथि प्रयागराज-झांसी के शिक्षक विधायक एवं नेता शिक्षकदल सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने जिस प्रकार प्रदेश के लाखों शिक्षक व कर्मचारियों की पुरानी पेंशन के सवाल पर और अनिर्णित की स्थिति खड़ी कर दी है। सरकार समय रहते यदि शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो प्रदेश के लाखों शिक्षक व कर्मचारी इन्हें कूड़ेदान में फेंकने में जरा भी देरी नहीं करेंगे।
गोरखपुर-फैजाबाद के शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहाकि पुरानी पेंशन पूर्व की भांति लागू कराना, समान कार्य के लिए समान वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रत्येक शिक्षक को प्रदान करना, प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्य करने वाले शिक्षकों को समान वेतन एवं समान सेवा सुरक्षा प्रदान करना, आज की परिस्थिति में बहुत बड़ी चुनौती है। प्रदेश कोषाध्यक्ष सुभाष शर्मा, पूर्व शिक्षक विधायक डा. प्रमोद कुमार मिश्रा, आय-व्यय निरीक्षक धु्रवमित्र शास्त्री, प्रदेशीयमंत्री श्रीकृष्ण यादव, शिक्षक नेता दिवाकर तिवारी, मंडलीय मंत्री मुन्नू यादव, जिलाध्यक्ष बृजेश राय, जिलामंत्री विजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष परशुराम यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेश राय ने भी विचार रखे। मीडिया प्रभारी डा. वीरेंद्र कुमार मौर्य, अनिल राय, आनंद यादव, सुरेंद्र प्रताप राय, प्रभाकर राय,प्रभुनाथ मिश्रा, गोपालजी गुप्ता, अमरनाथ यादव, आनंद राय आदि शामिल रहे।
0 Comments