फिर वायरल की धमकी देकर होता आर्थिक व मानसिक शोषण का खेल
बिजनौर। जिले में साइबर क्राइम को लेकर लोग सजग होने लगे तो अब हनीट्रैप का जाल तेजी से फैल रहा है. फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये बालाएं शिकार फंसा रही हैं. वहीं प्रत्यक्ष रूप से भी नजदीकियां बढ़ाकर ब्लैकमेल कर रही है. मधुर बातों में फंसाकर कथित बालाएं खूब ठगने का काम कर रही है. यहां कई मामले ऐसे आ चुके हैं, जिनमें लोग पुलिस से भी शिकायत करने नहीं पहुंचते. ब्लैकमेलिंग के धंधे में जुड़ी युवतियां लोगों को दूसरे तरीके से भी फंसा रही हैं. पहले नजदीकियां बढ़ाकर दोस्ती की जाती है और फिर वीडियो बना ली जाती है. वायरल करने या दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर आर्थिक व मानसिक शोषण किया जाता है.
केस-1
जिले के एक थाने में तैनात रहे दरोगा को भी आशिक मिजाजी भारी पड़ी थी. हाईवे की एक चौकी पर तैनाती के दौरान एक युवती ने उनसे नजदीकियां बढ़ा ली थीं. बाद में युवती ने मामला खोल दिया. काफी जद्दोजहद के बाद उक्त दरोगा ने बिना किसी को बताए साढ़े तीन लाख रुपये देकर पीछा छूूटाया था.
केस-2
नूरपुर रोड पर एक रेस्टोरेंट-होटल मालिक की एक युवती ने अपने साथ अश्लील वीडियो बना ली थी. जिसे वायरल करने और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई. बाद में उस व्यक्ति को औने पौने दाम में अपना होटल बेचकर यहां से भागना पड़ा. तब कहीं जाकर उसका पीछा छूटा.
केस-3
चांदपुर चुंगी के पास भी एक दुकानदार से एक युवती ने नजदीकियां बढ़ाकर वीडियो बना ली थी. बाद में युवती ने दस लाख रुपये उक्त दुकानदार से वसूले थे. उक्त युवती एक गिरोह से जुड़ी हुई थी. जोकि लोगों को लड़कियों के माध्यम से फंसाकर समझौता कराने और रुपये ऐंठने का काम करता है.
केस-4
जिले के एक नामी खिलाड़ी को एक युवती से दोस्ती करना महंगा पड़ा. कुछ दिनों दोस्ती के बाद युवती ने हंगामा खड़ा कर दिया. सूत्रों की मानें तो खिलाड़ी को फजीहत से बचने की एवज में 20 लाख रुपये से ज्यादा देने पड़े थे. उक्त युवती ने रकम लेने के बाद समझौता किया.
सिर्फ प्रत्यक्ष रूप से ही नजदीकी बढ़ाकर ठगी खेल नहीं चल रहा है, बल्कि वीडियो कॉलिंग से भी ब्लैकमेल किया जाता है. साइबर ठगों ने भी अपना तौर तरीका बदला है. फेसबुक मैसेंजर पर वीडियो कॉलिंग कर अश्लील क्लिप बना ली जाती है, जिसे वायरल करने की धमकी देकर खाते में पैसा जमा कराया जाता है. यह गिरोह राजस्थान के जयपुर से पूरे देश में ठगी करने काम करता है, जिसमें लड़कियां जुड़ी हुई हैं. दोस्ती करने और वीडियो बनने के बाद भी अगर पीड़ित टूटता नहीं है तो फिर शादी का झांसा या नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी जाती है. वही हनीट्रैप का शिकार होने पर लोग मान सम्मान की खातिर पुलिस के पास न जाकर चुपचाप पैसा दे देते हैं. एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के अनुसार, वीडियो कॉलिंग कर ब्लैकमेल करने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है. साइबर सेल इसमें कार्रवाई करती है. हालांकि ऐसी दिक्कतों से बचने के लिए लोगों को भी अनावश्यक और मधुर बातों में फंसना नहीं चाहिए.

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