पकंज सिंह
आजमगढ़। दलित युवकों पर कातिलाना हमले के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने की बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर बाइस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला एससी एसटी स्पेशल कोर्ट के जज शिवचंद ने बुधवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार चंद्रमा देवी निवासिनी शंकरपुर कनौना थाना बरदह को दलित होने के कारण आवासीय पट्टा मिला था। गांव के प्रेमचंद यादव पुत्र जयराम यादव व अन्य लोगों ने दबंगई के बल पर वादिनी पट्टे पर कब्जा नहीं करने दिया । इसी बात का मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। इसी मुकदमे की रंजिश को लेकर 31 मार्च 2017 की शाम चार बजे चंद्रमा देवी के पुत्र रमेश और कमलेश मोटरसाइकिल से अपने दुकान पर जा रहे थे। तभी गांव की पुलिया पर दोनों के पहुंचने पर आरोपी प्रेमचंद यादव तथा उनका लड़का राजीव उर्फ राजू यादव, इन्द्रेश यादव पुत्र गुलाब चंद्र यादव तथा उमा मौर्य पुत्र बिहारी मौर्य ने रमेश कुमार व कमलेश कुमार को जातिसूचक गाली देते हुए ईटों से मारा और दोनों को गोली मार दी। बुरी तरह से घायल कमलेश व रमेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने दलित युवकों पर कातिलाना हमला करने के आरोप में सभी चारों आरोपियों पर के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। दौरान मुकदमा आरोपी उमा की मृत्यु हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रेश मणि त्रिपाठी तथा आलोक त्रिपाठी ने वादिनी चंद्रमा देवी, रमेश ,कमलेश, चीफ फार्मासिस्ट श्रीकांत चतुर्वेदी, डॉक्टर पी वी प्रसाद, डॉ शिशिर जायसवाल, क्षेत्राधिकारी श्याम नारायण, जय प्रकाश सिंह, रिटॉयर्ड सीओ एस पी तोमर को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रेमचंद यादव, इन्द्रेश यादव तथा राजीव उर्फ राजू यादव को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को बाइस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

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