आजमगढ़ : जर्जर दीवार ने छीन ली अलीना की जिंदगी... आंधी-बारिश के बीच बच्चों के साथ खेल रही थी मासूम, भरभराकर गिरी दीवार के मलबे में दब गई !

CCTV में कैद हुआ हादसा, घर में मचा कोहराम; परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार!


आजमगढ़। सोमवार को आसमान में बादल घिर आए थे और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई थी। रोज की तरह बच्चे घर के आसपास खेल रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ पल एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देने वाले हैं। अन्नतपुरा-गुरुटोला मोहल्ले में सोमवार को जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिरी और उसके मलबे में दबकर सभासद मो. अफजल की पांच वर्षीय बेटी अलीना की मौत हो गई। जिस उम्र में बच्ची की दुनिया खेल, हंसी और खिलौनों से भरी होनी चाहिए थी, उसी उम्र में वह अपनों को छोड़कर चली गई।
सोमवार को करीब 3:40 बजे मौसम अचानक खराब हुआ। तेज आंधी के बाद बारिश शुरू हुई। सभासद मो. अफजल के घर के सामने एक पुरानी और जर्जर दीवार थी। उसके आसपास अलीना समेत कुछ बच्चे खेल रहे थे। मौसम बिगड़ने पर बच्चे वहां से हटने की कोशिश कर ही रहे थे कि अचानक दीवार भरभराकर नीचे आ गिरी। कुछ ही सेकेंड में खेलते बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। धूल और मलबे के बीच लोग बदहवास होकर बच्ची को तलाशने लगे। अलीना मलबे के नीचे दब गई थी। परिजन और आसपास के लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला। मासूम को गंभीर हालत में तत्काल निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह खबर सुनते ही परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ देर पहले तक जिस घर में बच्ची की चहक सुनाई दे रही थी, वहां देखते ही देखते मातम पसर गया। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोगों की आंखें भी नम थीं। मोहल्ले में हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध था।
कैमरे में कैद हुई मौत की वह तस्वीर
दर्दनाक हादसे का घटनाक्रम पास लगे CCTV कैमरे में भी कैद हो गया। फुटेज में बच्चे जर्जर दीवार के आसपास दिखाई देते हैं। मौसम बिगड़ने के बीच अचानक दीवार भरभराकर गिरती है और देखते ही देखते बच्चे उसकी चपेट में आ जाते हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। हादसे का यह दृश्य घटना की भयावहता को बयां कर रहा है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही बदरका पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार और कानूनगो ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी बुलाकर दीवार का मलबा हटाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और पालिकाध्यक्ष सरफराज आलम भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
हादसे में एक अन्य बच्चा भी घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए ले जाया गया। वहीं, मासूम अलीना की मौत के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि परिजनों की इच्छा के अनुसार पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
एक जर्जर दीवार और खत्म हो गया बचपन
अलीना की मौत ने मोहल्ले में कई सवाल भी छोड़ दिए हैं। जिस जर्जर दीवार के पास बच्चे रोजाना खेलते थे, वही दीवार सोमवार को मौत का कारण बन गई। आंधी और बारिश ने उसकी कमजोरी को सामने ला दिया और कुछ ही पलों में एक मासूम की जिंदगी छिन गई।
अलीना के परिजनों के लिए अब वह शाम जिंदगी भर का दर्द बन गई है। बच्चों के खेलने की आवाजों से गूंजने वाला मोहल्ला देर शाम तक सन्नाटे में डूबा रहा। बारिश थम गई, हवा भी शांत हो गई, लेकिन एक परिवार के आंगन से बचपन की वह खिलखिलाहट हमेशा के लिए खामोश हो गई।

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