तहबरपुर के कोठियार गांव की निवासी है युवती, दिल्ली और मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया नाम; स्थानीय पुलिस भी खंगाल रही संपर्क
आजमगढ़। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र के कोठियार गांव की निवासी बबीता चौहान का नाम सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया है। मामले में मुंबई पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, युवती का नाम इस प्रकरण में सामने आने से उसके परिवार के लोग हैरान और परेशान हैं। जिले की पुलिस भी उसके संपर्कों और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोनीपत के कुणाल और सुमित, सीतापुर के नहवैया गांव की राधा और आजमगढ़ की बबीता शामिल हैं। चारों को अदालत में पेश करने के बाद मुंबई पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले फायरिंग की घटना में शामिल बताए जा रहे चार शूटरों को कोटा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
दो साल पहले काम करने गई थी सोनीपत
कोठियार गांव निवासी बबीता करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में सोनीपत गई थी। उसके साथ मौसेरे भाई रवि, उसकी पत्नी और गांव की गुंजना भी गई थी। गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ ने सोनीपत में पैकिंग का काम मिलने और 10 से 12 हजार रुपये मासिक कमाई होने की जानकारी दी थी। इसके बाद बबीता और उसके साथ के लोग वहां काम करने चले गए थे।
बताया गया कि सोनीपत में ही बबीता की पहचान सीतापुर जिले के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवैया गांव निवासी राधा से हुई थी। नौ जून 2026 को बबीता गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। उस दौरान उसने परिवार के लोगों को राधा के बारे में भी बताया था।
परिवार को नहीं हो रहा यकीन
बबीता के पिता रामजतन राम खेती-किसानी के साथ मजदूरी भी करते हैं। तीन बहनों में बबीता सबसे छोटी है। उसकी दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। उसके दो भाई हैं, जिनमें एक राजस्थान और दूसरा लुधियाना में रहता है। बहन नीलम के मुताबिक, बबीता ने स्नातक तक पढ़ाई की है और करीब दो साल पहले सोनीपत में पैकिंग का काम करने गई थी। परिवार का कहना है कि इससे पहले बबीता का नाम किसी आपराधिक मामले में सामने नहीं आया था। ऐसे में उसका नाम इस प्रकरण से जुड़ने पर स्वजन परेशान हैं। पिता रामजतन राम बेटी के बारे में जानकारी लेने तहबरपुर थाने भी पहुंचे।
ऐसे सामने आया युवतियों का कनेक्शन
जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, कुणाल की पहचान अनिल पंडित से एक परिचित के माध्यम से हुई थी। इसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड एप के जरिये संपर्क में रहने लगे। आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने सुमित के साथ मिलकर अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए थे।
बताया गया कि करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई। आरोप है कि उसने राधा को अपनी गतिविधियों के बारे में जानकारी देकर हथियार के साथ मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी और यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड एप के जरिये उसे निर्देश पहुंचा रहा था।
जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, 17 अक्टूबर को दोनों युवतियां मुंबई के दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। अगले दिन, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। इसके बाद दोनों युवतियां उसी दिन हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
पुलिस ने 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया, जबकि कुणाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। मामले में आरोपितों की भूमिका और उनके संपर्कों की जांच जारी है।
आजमगढ़ पुलिस भी जुटा रही जानकारी
मामले में जिले की युवती का नाम सामने आने के बाद आजमगढ़ पुलिस भी उसके संपर्कों और स्थानीय स्तर पर संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, बबीता की भूमिका और पूरे घटनाक्रम में उसकी संलिप्तता को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी

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