आजमगढ़। रविवार की रात करीब नौ बजे आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर सिंघड़ा गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार 30 वर्षीय आनंद सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर बेसुध पड़े आनंद को देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बरदह थाना क्षेत्र के बेला खास गांव निवासी आनंद सिंह पुत्र स्व. अवधू सिंह रविवार को किसी आवश्यक कार्य से आजमगढ़ गए थे। काम निपटाने के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे। परिवार को क्या पता था कि घर लौटने का यह सफर आनंद का आखिरी सफर साबित होगा। रात करीब नौ बजे जैसे ही वह आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर सिंघड़ा गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि आनंद सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोट के कारण उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से भाग निकला।
पुलिस तलाश रही टक्कर मारने वाला वाहन
दुर्घटना की सूचना मिलने पर गंभीरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य माध्यमों से दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। हादसे की खबर बेला खास गांव पहुंचते ही आनंद के घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी अंजली सिंह को जब पति की मौत की जानकारी मिली तो वह बदहवास हो गईं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ देर पहले तक जिस घर में आनंद के लौटने का इंतजार हो रहा था, वहां अचानक मातम छा गया।
पानी सप्लाई कर पालते थे परिवार
परिजनों के अनुसार आनंद सिंह पानी सप्लाई का काम करते थे। इसी काम से होने वाली आमदनी से वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। चार भाइयों में वह तीसरे नंबर पर थे। परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए वह पत्नी और छोटी बेटी के भविष्य के लिए सपने संजोए हुए थे। आनंद अपने पीछे पत्नी अंजली सिंह और करीब एक वर्ष की मासूम बेटी छोड़ गए हैं। जिस उम्र में बच्ची को पिता की उंगली थामकर चलना सीखना था, उसी उम्र में उसके सिर से पिता का साया उठ गया। मासूम को अभी यह भी नहीं मालूम कि जिस पिता के घर लौटने का इंतजार था, वह अब कभी वापस नहीं आएंगे। एक झटके में परिवार का सहारा छिन जाने से परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं और सभी की निगाहें अब उस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश पर टिकी हैं, जिसने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी।

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