आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 21 सितंबर को हुई दर्दनाक घटना ने तीन परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया। अपनों को खोने का दर्द झेल रहे इन परिवारों की पीड़ा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहायता राशि की घोषणा की है। शासन की ओर से स्व. महेंद्र पाठक और स्व. अखिलेश मिश्रा के पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं माता-पिता और भाई को खोने के बाद परिवार में बची दो मासूम बच्चियों में प्रत्येक को ढाई-ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
इस घटना ने तीनों परिवारों की जिंदगी को अचानक बदल दिया। जिन घरों में अपनों की मौजूदगी से जीवन की उम्मीदें थीं, वहां अब उनके बिछड़ने का गम है। खासकर दो मासूम बच्चियों के सिर से माता-पिता और भाई का साया उठ जाना परिवार और समाज के लिए बेहद पीड़ादायक है। ऐसे समय में शासन की सहायता उनके भविष्य को संवारने में कुछ सहारा दे सकेगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तीनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने परिजनों की पीड़ा सुनी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। जिला प्रशासन की ओर से भी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रशासन के अनुसार पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम समेत अन्य योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उद्देश्य है कि हादसे के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को सरकारी योजनाओं का सहारा मिल सके और बच्चों की पढ़ाई तथा भविष्य प्रभावित न हो।
मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए जिला प्रशासन की अपील पर समाज के एक गणमान्य व्यक्ति ने भी तीनों पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। सरकारी सहायता के साथ समाज के सहयोग से पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में संबल मिलने की उम्मीद है। हालांकि अपनों को खोने का दुख किसी आर्थिक सहायता से पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सहयोग उनके जीवन को फिर से संभालने की राह में सहारा बन सकता है।

0 Comments