मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में परिवार की आर्थिक मदद, बहनों के विवाह और सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में 22 सितंबर को हुई हत्या की घटना में मृतक आचार्य अखिलेश मिश्र के पुत्र हिमांशु मिश्र ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए पत्र में परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अन्य मांगें भी रखी गई हैं।
हिमांशु मिश्र ने पत्र में बताया कि उनके पिता स्व. आचार्य अखिलेश मिश्र धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण करते थे। आरोप लगाया कि 22 सितंबर की शाम करीब 5.30 बजे शंभूपुर निवासी अरविंद सिंह ने पूजा-पाठ के लिए उनके पिता अखिलेश मिश्र और महेंद्र पाठक को बुलाया था। इसी दौरान दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हिमांशु के अनुसार, घटना के समय वह भी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि उन पर भी जान से मारने की नीयत से गोली चलाई गई, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि दीवार फांदकर किसी तरह अपनी जान बचाई और ग्रामीणों की मदद से थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पत्र में मुकदमे का अपराध संख्या 0322/2026 दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
परिवार के सामने आर्थिक संकट
हिमांशु ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि पिता की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बहनों की शिक्षा और विवाह की जिम्मेदारी भी सामने है। ऐसे में परिवार के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से परिवार को एक करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने और दोनों अविवाहित बहनों के विवाह के लिए विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा अपनी शिक्षा की पूरी व्यवस्था कराने तथा परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
पत्र में हिमांशु ने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने घटना के बाद परिवार के सदस्यों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक सहायता के साथ भविष्य की सुरक्षा और आजीविका के लिए भी सरकारी सहयोग की आवश्यकता है।
पत्र के अंत में परिवार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की बात कही गई है। पत्र में अत्यंत कदम उठाने की चेतावनी का भी उल्लेख है। ऐसी स्थिति में परिवार की मांगों पर प्रशासन से समय रहते संवाद और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है। पुलिस के अनुसार, शंभूपुर की घटना की जांच की जा रही है। मामले में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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