कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंचा, नगीना साहनी के समर्थक पहुंचे थाने
गोरखपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान शनिवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में सामने आ गई। पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और पूर्व ब्लाक प्रमुख अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच बैठने की जगह को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। घटना के बाद सपा ने अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।
सपा की ओर से दो से आठ अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर विवाद शुरू हुआ। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अंशुमान सिंह के साथ आए लोगों और नगीना साहनी के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद हाथापाई हुई। नगीना साहनी की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और धमकी दी गई।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
नगीना साहनी ने कहा कि उनके पास एक महिला बैठी थी और अंशुमान सिंह के साथ आए लोगों ने वहां बैठने के लिए कुर्सी लगाने का प्रयास किया। उन्होंने पीछे बैठने के लिए कहा तो विवाद शुरू हो गया। उनका आरोप है कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश ने उन पर हाथ उठाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग हथियार लेकर आए थे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। हथियार संबंधी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं अंशुमान सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवाद की शुरुआत नगीना साहनी की ओर से हुई। उनके अनुसार, उन्होंने बैठने के लिए थोड़ा खिसकने को कहा था, जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया और कहा कि दोनों ही एक ही विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
पार्टी ने लिया कार्रवाई का फैसला
सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि प्रेस वार्ता के दौरान वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे और उन्हें विवाद के पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी, लेकिन हाथापाई और गाली-गलौज की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पार्टी की ओर से अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के आधार पर निष्कासित किए जाने की कार्रवाई सामने आई।
घटना के बाद नगीना साहनी के समर्थक कैंट थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस स्तर पर शिकायत और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया जारी रही। इस घटनाक्रम ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा के स्थानीय संगठन में टिकट को लेकर चल रही दावेदारी और आपसी मतभेदों को चर्चा में ला दिया है।

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