कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को भारी बारिश के बीच फॉर्च्यूनर अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए। इसी दौरान वहां से गुजर रही आशा ज्योति केंद्र में तैनात महिला सिपाही अर्चना सिंह और उनके पति सिपाही अमित तेवतिया ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला। दोनों की सूझबूझ और साहस की सराहना हो रही है।
बताया गया कि हादसा तालग्राम क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 171 के पास दोपहर करीब दो बजे हुआ। फॉर्च्यूनर लखनऊ से नोएडा की ओर जा रही थी। सुल्तानपुर के धनपतगंज थाना क्षेत्र निवासी विकास यादव वाहन चला रहे थे। कार में उनके साथ उषा सिंह पत्नी शिवकुमार सिंह, लखीमपुर के आयुष वर्मा, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और नोएडा की गीतांजलि सिंह सवार थीं।
भारी बारिश के बीच कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद करीब 20 मीटर की फेंसिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंचकर पलट गई। हादसे में कार सवार सभी पांच लोगों को चोटें आईं। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
इसी दौरान सौरिख से कन्नौज की ओर जा रहे अर्चना सिंह और अमित तेवतिया की नजर पलटी हुई कार पर पड़ी। दोनों ने तत्काल वाहन रोककर मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। कार में घायल लोगों को फंसा देख उन्होंने अपनी राइफल से शीशा तोड़ा और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलते ही एंबुलेंस 172, थाना पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। उषा सिंह, आयुष वर्मा और अरविंद कुमार को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज तिर्वा भेजा गया। अन्य घायलों को भी प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
थाना प्रभारी रंजना पांडेय के अनुसार हादसे की जांच की जा रही है। वहीं, घायलों की मदद करते सिपाही दंपती का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। अर्चना सिंह आशा ज्योति केंद्र कन्नौज में तैनात हैं, जबकि अमित तेवतिया कन्नौज पुलिस लाइन के जिम में ड्यूटी करते हैं। हादसे के समय दोनों की तत्परता और साहस की लोग सराहना कर रहे हैं।

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