आजमगढ़ पुलिस के करीब 5000 जवान देंगे एक दिन का वेतन, एफडी में जमा होगी सहायता राशि
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में हुई पांच लोगों की मौत की घटना के बाद प्रभावित परिवारों और बच्चों की आर्थिक मदद के लिए पुलिस प्रशासन ने पहल शुरू की है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए अरविंद सिंह की दोनों बेटियों के पालन-पोषण और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष सहायता योजना तैयार की गई है। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों के भविष्य में सहयोग की घोषणा की है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, एसपी अपने एक माह के वेतन का योगदान करेंगे। इसके साथ ही जिले में तैनात करीब 5000 पुलिसकर्मियों से स्वेच्छा से एक दिन का वेतन देने की अपील की गई है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, पुलिसकर्मियों से मिलने वाली सहायता राशि को बच्चियों के नाम सुरक्षित रखने की योजना है। एकत्र धनराशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में जमा किया जाएगा, ताकि बच्चियों के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह राशि उनके भविष्य के काम आ सके। इससे उनकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने घटना में जान गंवाने वाले दो ब्राह्मण परिवारों के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत प्रति परिवार 8,000 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की योजना बताई गई है। अरविंद सिंह की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों को परिजनों को सौंप दिया गया है। अब पुलिस प्रशासन की पहल का केंद्र बच्चियों की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सहायता राशि को सुरक्षित तरीके से संरक्षित कर बच्चियों के वयस्क होने पर उनके उपयोग में लाया जाएगा।

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