आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़ के बाद दो शातिर गिरफ्तार, पांच जिलों की चोरी का खुलासा !



आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के दो 25-25 हजार रुपये के इनामी सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी है। उनके कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे, पांच कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह आजमगढ़ समेत पांच जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि चोरी के मामलों में वांछित बदमाश करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं और किसी वारदात की रेकी कर रहे हैं। सूचना पर तहबरपुर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। करीब 3:15 बजे दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बरेली के नगरिया कला निवासी दिलशाद (22) और शाहजहांपुर के बजेड़ा भगवानपुर निवासी सोनू अली उर्फ असगर (27) के रूप में हुई है।
SUV से करते थे रेकी
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपितों ने गिरोह के काम करने का तरीका बताया। गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेसवे के आसपास SUV खड़ी कर नजदीकी गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां चोरी करना आसान हो। रात में छत या घर के पीछे के रास्ते से दाखिल होकर मशीन से ताले काटे जाते थे। जेवर और नकदी समेटने के बाद सभी सदस्य तय स्थान पर पहुंचते, जहां SUV से उन्हें निकाल लिया जाता था।
पुलिस का कहना है कि चोरी का सामान बेचकर मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आजमगढ़ के अहरौला, तहबरपुर और बिलरियागंज के अलावा अंबेडकरनगर के जैतपुर क्षेत्र की सात चोरी की घटनाओं के खुलासे का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने गाजीपुर, बलिया और जौनपुर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पहले पकड़े जा चुके हैं चार सदस्य
इस गिरोह के खिलाफ पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। 20 अगस्त को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से तमंचे, कारतूस, सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500, मोबाइल फोन और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक उस कार्रवाई के बाद दिलशाद, सोनू अली उर्फ असगर, आफताब और नेसार फरार थे। इनमें दिलशाद और सोनू पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। अब दो की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के कुल छह सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। आफताब और नेसार की तलाश जारी है।
दिलशाद पर 13, सोनू पर सात मुकदमे
पुलिस के अनुसार दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में चोरी समेत विभिन्न धाराओं में 13 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। दोनों के खिलाफ तहबरपुर थाने में भी चोरी से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की है। घटनास्थल से फील्ड यूनिट ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस कार्रवाई में तहबरपुर थाना पुलिस के साथ विशेष टीम और सर्विलांस टीम भी शामिल रही।

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