गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा में एक बार फिर बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जाता रिकॉर्ड किया गया है। जून की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगा है। लोगों को शुरुआती छह दिनों तक राहत महसूस हुई। हालांकि, रविवार से पारा चढ़ता दिखा। रविवार को पहली बार जून माह में पारा 40 डिग्री के पार गया। अब सोमवार को भी लोगों की मुश्किलें चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने बढ़ाई हुई हैं। लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे में लोग बारिश की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। प्रदेश में मानसून के आगमन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने जिस प्रकार से मानसून की बारिश को लेकर संभावना जारी की है, वह लोगों की चिंता बढ़ाएगी। बारिश में देरी से लोगों को गर्मी और उमस जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान में बादलों की आवाजाही होने से अभी तापमान पर अधिक असर नहीं दिखेगा। विभाग के अनुसार, जून माह में अधिक बारिश का अनुमान नहीं है। शहर में 11 और 12 जून को तेज बौछारों का अनुमान है। 13 जून को भी बादलों का असर शहर में दिखेगा। हालांकि, इसके बाद इस माह में आसमान में बादल दिखेंगे। कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। लेकिन, मानसूनी बारिश के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून के तीसरे सप्ताह में मानसून का आगमन हो जाएगा। हालांकि, बारिश के बीच गैप अधिक रहेगा।
गाजियाबाद के मौसम में 4 जुलाई से बदलाव आने की उम्मीद जताई गई है। पूरे जिले के आसमान में बादल छाएंगे। इसके बाद पूरे जुलाई बारिश का अनुमान है। मौमस विभाग के अनुसार, जून माह में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जुलाई में बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान 35 डिग्री के नीचे आने का अनुमान है।
नोएडा में भी जून की शुरुआत बारिश से हुई। इससे मौसम सुहावना रहा था। हालांकि, शनिवार से तापमान में वृद्धि होती दिखी। सोमवार को शहर का तापमान 43 डिग्री को पार करता दिखा। सुबह से पारा गरमा रहा है। वहीं, आसमान की ऊपरी परत में बादलों की हलचल से उमस जैसी स्थिति बनी हुई है। शाम को बादलों के कारण ओस का असर कम होने से उमस बढ़ी रही। एक बार फिर शहर में प्रचंड गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस वीकेंड लोगों को राहत मिलने की भविष्यवाणी की है। 11 और 12 जून को बारिश के छींटे पड़ने का अनुमान है।
नोएडा शहर में बारिश का असर दिखने से 15 जून तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर तेज धूप और उमस जैसी स्थिति का सामना लोगों को करना पड़ेगा। मानसूनी बारिश के लिए लोगों को जुलाई के पहले सप्ताह का इंतजार करना पड़ेगा। नोएडा में इस बार मानसूनी बारिश का पूरा जोर 5 जुलाई से दिखने का अनुमान है। बारिश का असर जिले में सितंबर पहले सप्ताह तक रहने का अनुमान है।
प्रदेश में 11-12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण बारिश का अनुमान जताया गया है। इसका असर हिमालयी क्षेत्रों के साथ पश्चिमी यूपी तक दिखेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है। अभी मानसून की रफ्तार को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 22 जून के तक यह प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद पश्चिमी यूपी में मानसूनी एक्टिविटी शुरू होगी। वहीं, बंगाल की खाड़ी की तरफ से बढ़ने वाला मानसून प्रदेश के पूर्वी भाग में पहले पहुंचेगा।
मानसून का प्रवेश सोनभद्र से हो सकता है। 22-23 जून तक इसके प्रवेश की संभावना है। गोरखपुर, बलिया से लेकर वाराणसी तक इसके असर से 24 जून से तेज बारिश शुरू होने की उम्मीद है। मॉनसून का पूरा असर जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे प्रदेश में दिखने का अनुमान जताया जा रहा है। इसके बाद हर तरफ गरज-चमक के साथ बारिश शुरू होने का अनुमान है।

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