इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताई ऐसे करें दांतों की देखभाल !
आजमगढ़। आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और दांतों की उचित देखभाल न होने के कारण आज बड़ी संख्या में लोग दांतों और मसूड़ों की विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। दांतों में कीड़ा लगना, असहनीय दर्द, मसूड़ों से खून आना, मुंह से दुर्गंध आना, दांतों का टेढ़ा-मेढ़ा होना तथा समय से पहले दांतों का टूट जाना आम समस्याएं बन चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर दंत उपचार के नाम से ही लोगों में भय और झिझक देखने को मिलती है। ऐसे में इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आजमगढ़ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. अंकित चंद अग्रवाल लोगों को स्वस्थ मुस्कान देने के साथ-साथ उनके मन से दांतों के इलाज का डर भी दूर कर रहे हैं।
डॉ. अंकित चंद अग्रवाल ने वर्ष 2009 में लखनऊ से बीडीएस की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं शुरू कीं। उन्होंने आजमगढ़ डेंटल कॉलेज में लेक्चरर के रूप में कार्य करते हुए सैकड़ों विद्यार्थियों को आधुनिक दंत चिकित्सा की जानकारी दी और अपनी अलग पहचान बनाई।
शिक्षण कार्य के साथ-साथ उन्होंने शहर के दुर्गा मंदिर के समीप कृष्णा डेंटल केयर एंड टूथ इम्प्लांट सेंटर की स्थापना की। यहां आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मरीजों का उपचार किया जाता है। क्लीनिक में डिजिटल एक्स-रे, चाइल्ड डेंटिस्ट्री, स्केलिंग एवं पॉलिशिंग, डेंचर, क्राउन एवं ब्रिज, रूट कैनाल ट्रीटमेंट, गम डिजीज ट्रीटमेंट, डेंटल इम्प्लांट, ओरल सर्जरी, स्माइल डिजाइनिंग और डेंटल ज्वेलरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि अधिकांश लोग दांतों की समस्या को शुरुआती दौर में नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में गंभीर संक्रमण, दांतों का नुकसान और जबड़ों तक में परेशानी हो सकती है। रूट कैनाल, डेंटल इम्प्लांट और आधुनिक एनेस्थीसिया तकनीकों के कारण अब अधिकांश उपचार लगभग दर्दरहित हो गए हैं। यही कारण है कि उनके क्लीनिक में आने वाले मरीजों का दंत चिकित्सा के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
विशेष रूप से बच्चों में दांतों की सड़न, युवाओं में टेढ़े-मेढ़े दांत और बुजुर्गों में दांत गिरने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आधुनिक और वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। डॉ. अग्रवाल मरीजों को उपचार के साथ-साथ दांतों की देखभाल, सही ब्रशिंग तकनीक और नियमित जांच के प्रति भी जागरूक करते हैं।



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