उन्नत खेती से किसान मनोहर सिंह बने मिसाल...आधुनिक तकनीक से 2 लाख की लागत से आय हुई 9 लाख !



आजमगढ़़। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि नीतियों और योजनाओं के प्रभाव से आज खेती पारंपरिक पेशा न रहकर एक लाभकारी व्यवसाय बनती जा रही है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।
इसी का एक जीवंत उदाहरण है आजमगढ़ के अजमतगढ़ ब्लॉक के मेघई खास गांव निवासी प्रगतिशील किसान मनोहर सिंह, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं को अपनाकर अपनी आय में कई गुना वृद्धि की।
मनोहर सिंह पहले पारंपरिक खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत, अधिक श्रम और कम लाभ जैसी समस्याएं थीं। सिंचाई में पानी की बर्बादी, कीट-रोगों का प्रकोप और बाजार में उचित मूल्य न मिलना उनकी मुख्य चुनौतियां थीं। उन्हें एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने खेती में बदलाव का निर्णय लिया। “पर ड्रॉप, मोर क्रॉप” योजना के तहत ड्रिप सिंचाई अपनाकर उन्होंने 40-50ः तक पानी की बचत की और उत्पादन में वृद्धि हासिल की।
उन्होंने मल्चिंग, उन्नत बीज, वैज्ञानिक दूरी और बहु-फसली खेती को अपनाया। टमाटर, सब्जियां, फल और औषधीय पौधों की खेती से उनकी आय के नए स्रोत बने।
आर्थिक सफलता की कहानी- कुल लागतः लगभग 2 लाख, उत्पादन: लगभग 150 कुंतल, कुल आय: लगभग 9 लाख, शुद्ध लाभ: लगभग 7 लाख। यह आय पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।
एक ही खेत में अलग-अलग फसलों की खेती कर उन्होंने बाजार जोखिम को कम किया और सालभर आय सुनिश्चित की। बेहतर गुणवत्ता के कारण उनकी उपज को स्थानीय मंडी में अच्छा मूल्य मिलता है। आज मनोहर सिंह क्षेत्र के सफल किसानों में गिने जाते हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी आधुनिक तकनीकें अपना रहे हैं। वे किसानों से अपील करते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और नई तकनीकों को अपनाकर खेती को लाभकारी बनाएं।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देशन में कृषि व उद्यान विभाग किसानों को योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय है। यह कहानी केवल एक किसान की सफलता नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों, प्रशासनिक सहयोग और किसान की मेहनत का परिणाम है। आजमगढ़ अब उन्नत खेती और खुशहाल किसानों का मॉडल बनकर उभर रहा है।

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