यूपी के परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल... तीन RTO और 18 ARTO एआरटीओ को मिली नई तैनाती !



लखनऊ, 03 जनवरी। प्रदेश में परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। सरकार ने तीन आरटीओ और 18 एआरटीओ को नई तैनाती दी है। इस संबंध में शनिवार को विशेष सचिव खेमपाल सिंह की ओर से आदेश जारी किए गए।
आलोक कुमार यादव को लखनऊ का नया सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ, प्रवर्तन) नियुक्त किया गया है। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद लखनऊ में वाहनों की जांच व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, ऐसे में नई तैनाती से प्रवर्तन कार्य के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में एसटीएफ ने लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली में ओवरलोडिंग वाहनों से अवैध वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें लखनऊ के एआरटीओ समेत कई अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई हुई थी।
अन्य एआरटीओ की नई तैनाती
चंपा लाल – सिद्धार्थनगर
अशोक कुमार श्रीवास्तव – गाजियाबाद
कौशल कुमार सिंह – सोनभद्र
मानवेंद्र प्रताप सिंह – सहारनपुर
विनय कुमार सिंह – आगरा
कृष्ण कुमार यादव – फर्रुखाबाद (प्रशासन)
एआरटीओ प्रवर्तन:
हरिओम – बदायूं
वैभव सोती – बरेली
सतेंद्र कुमार यादव – मथुरा
विंध्याचल कुमार गुप्ता – कानपुर
उमेश चंद्र कटियार – रायबरेली
गुलाब चंद्र – अयोध्या
विपिन कुमार – बागपत
हरिओम – शाहजहांपुर
प्रतीक मिश्र – फतेहपुर
नीतू शमां – बुलंदशहर
देवदत्त कुमार को मेरठ का एआरटीओ (प्राविधिक) नियुक्त किया गया है।
तीन आरटीओ को भी नई जिम्मेदारी
राघवेंद्र सिंह – आरटीओ (प्रशासन), वाराणसी
मनोज कुमार सिंह – आरटीओ (प्रशासन), सहारनपुर
अम्बरीश कुमार – आरटीओ (प्रवर्तन), मेरठ
ओवरलोडिंग वसूली मामले की जांच तेज
एसटीएफ की कार्रवाई के साथ-साथ परिवहन विभाग ने भी विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच के दायरे में सिंडिकेट से जुड़े पूर्व अधिकारी भी हैं। बताया जा रहा है कि ओवरलोडिंग से अवैध वसूली का यह खेल वर्ष 2022 में बंद हुआ था, जिसे बाद में एक जोनल स्तर के अधिकारी ने फिर शुरू करवाया। इस रैकेट में सिपाही से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल बताए जा रहे हैं

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