आजमगढ़ : 20 साल पुराने भरोसे की चोरी: 6 घंटे में खुला मोबाइल शोरूम कांड, कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड!




आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ में मोबाइल शोरूम चोरी की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने मात्र 06 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि दुकान में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी ने ही मालिक का भरोसा तोड़ते हुए इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ₹4.75 लाख कीमत के 14 स्मार्ट मोबाइल फोन, 03 टैबलेट तथा अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा की गई।
क्या है पूरा मामला
थाना कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी तिराहे के पास स्थित “मनोज कन्हैया मोबाइल” दुकान में 07 जनवरी 2026 की रात चोरी की सूचना मिली। दुकान मालिक मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि अज्ञात चोर छत के रास्ते दुकान में घुसे और 14 मोबाइल फोन व 03 टैबलेट चोरी कर ले गए। सूचना के आधार पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस जांच के दौरान संदेह की सुई दुकान के ही कर्मचारी अजय कुमार सिंह पर जाकर ठहर गई, जो करीब 20 वर्षों से दुकान में कार्यरत था और दुकान की चाभी उसके पास रहती थी। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने ही चोरी की पूरी साजिश रची।
अभियुक्त ने पहले सामान्य तरीके से दुकान बंद की और घर चला गया, फिर रात करीब 10:30 बजे वापस आकर शटर खोलकर दुकान से मोबाइल व टैबलेट चोरी कर लिए। खुद को बचाने के लिए उसने चोरी को बाहरी घटना दिखाने हेतु दरवाजे की कुंडी लगी दीवार को तोड़ दिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
8 जनवरी 2026 की रात 22:50 बजे, पुलिस ने अभियुक्त अजय कुमार सिंह (उम्र लगभग 46 वर्ष) को मोहती घाट मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 14 स्मार्ट मोबाइल, 03 टैबलेट और एक अवैध तमंचा .315 बोर मय जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
कानूनी कार्रवाई
अभियुक्त के विरुद्ध थाना कोतवाली में बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस घटना के शीघ्र अनावरण से व्यापारियों और आमजन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा और मजबूत हुआ है। महज 6 घंटे में चोरी का पर्दाफाश कर आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह मामला न केवल अपराध का खुलासा है, बल्कि यह भी चेतावनी है कि भरोसे की आड़ में छिपे अपराधी कितने खतरनाक हो सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments