मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में यूपी पर लव जिहाद इस्लामी हमला बढ़ गया है। बिना दंगा, हत्या, विस्फोट किये हिंदुओं की जनसंख्या पर दोहरा हमला है।अयोध्या से सटे प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले की हालत ये है कि एक महीने में 56 लड़कियों का अपहरण किया गया है। इनमें अधिकतर लड़कियां नाबालिग और कमजोर परिवारों की हैं।इस अपहरण के खेल में अधिकतर मामलों में मुस्लिम युवक शामिल हैं। विश्व हिंदू परिषद ने इसे लव जिहाद बताया है। पुलिस जांच कर रही है वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ मामलों में मतांतरण के आरोप भी लगे हैं, कुछ में कार्रवाई न होने की शिकायतें हैं। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्र मोना ने एसआईटी गठित कर मामले के निष्पक्ष जांच की मांग की है।अंबेडकरनगर के ये आंकड़े सचेत करने के साथ ही गहरे षडयंत्र की ओर संकेत कर रहे हैं। अपहरण की 56 की एफआइआर तो जनपद के 18 थानों में पिछले एक माह में दर्ज की गई है, लेकिन डेढ़ दर्जन लड़कियां ऐसी हैं, जिनके परिवार वालों ने लोकलाज के डर से शिकायत ही नहीं की।
बीते अगस्त माह में अकबरपुर कोतवाली में अपहरण के 11 मुकदमे, मालीपुर में नौ, जलालपुर आठ, अहिरौली में सात, बसखारी छह, जैतपुर में पांच, महरुआ और सम्म्मनपुर में तीन-तीन, इब्राहिमपुर व भीटी में दो-दो मिलाकर 56 अपहरण के मुकदमे 18 थानों में दर्ज किए गए हैं। ये वारदातें तो पुलिस रिकार्ड की हैं, वहीं कई मामलों को पुलिस ने दर्ज नहीं किया है तो कुछ लोक-लाज के भय से सामने नहीं आए।विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रमुख अरविंद पांडेय ने कहा कि बलरामपुर में छांगुर की तरह इस जिले में भी एक नेटवर्क संचालित है। षडयंत्र के तहत मुस्लिम युवक हिंदू युवतियों व किशोरियों को प्रलोभन देकर अपहृत कर रहे हैं, ये लव-जिहाद ही है। अधिसंख्य मामलों में आरोपितों के तार एक-दूसरे से जुड़े हैं।मुस्लिम युवकों का यह गिरोह लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं और स्वजन को पता चलते ही अपहरण कर लेते हैं। पुलिस ऐसा कोई रैकेट संचालित होने की बात से इन्कार कर रही है, लेकिन थानों पर दर्ज मुकदमे गवाह हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि पुलिस की जांच में अपहरण के अधिकांश मुकदमों में किशोरी व युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने के साथ ही मोबाइल और रुपयों का प्रलोभन देने का तथ्य सामने आया है। पुलिस बरामद लड़कियों के बयान के आधार पर इसकी पुष्टि कर रही है।18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों के अपहरण का मुकदमा तत्काल दर्ज कर बरामदगी के निर्देश थानाध्यक्षों को दिए गए हैं। बरामदगी के बाद अपहृत का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया जाता है। लव-जिहाद या किसी अन्य नेटवर्क से जुड़ा मामला अब तक नहीं सामने आया है। पुलिस टीमें लगातार ऐसे प्रकरणों की गंभीरता से जांच कर रहीं हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संदर्भ में अंबेडकर के सपा सांसद लाल जी वर्मा ने कहा इस सरकार में अंबेडकरनगर ही नहीं पूरे प्रदेश में महिला अपराध की घटनाएं बढ़ीं हैं। अपहरण, दुष्कर्म आए दिन हो रहे हैं। सरकार इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। अनूसूचित जाति और कमजोर वर्ग की बच्चियों को निशाना बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। बता दें कि मालीपुर के एक गांव की हिंदू युवती को गत 15 जुलाई को गांव के युवक मो. अमन उर्फ कयूम ने शादी का झांसा देकर अपहरण किया। अकबरपुर लाकर 10 लाख रुपये और अन्य मदद का प्रलोभन देते हुए मतांतरण करा दिया। बाद में निकाह कर लिया। वारदात में आरोपित के स्वजन भी शामिल रहे।युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मतांतरण, झांसा देकर अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपित पुलिस गिरफ्त में है। इसी थाने के एक गांव की कक्षा 11 की छात्रा को स्कूल जाते समय गांव के ही गांव के किशोर ने जबरन अपहरण कर अपने घर में ले गया।मतांतरण और शादी के लिए प्रेरित किया। छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मतांतरण का प्रयास, छेड़छाड़, अपहरण की धाराओं में केस दर्ज किया है।
अकबरपुर के एक गांव में हाईस्कूल की छात्रा के साथ मुस्लिम युवक ने हिंदू नाम से इंटरनेट मीडिया पर फर्जी आइडी बनाकर चौटिंग किया। प्रलोभन के लिए छात्रा को मोबाइल व बैंक खाते में रुपये भी दिए। छात्रा का अपहरण कर बंधक बना मतांतरण का दबाव बनाया गया। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों स्वजन व युवती के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है।


0 Comments